चावल से बनने वाली खली के फायदे क्या हैं, जानें पशुओं के लिए चारे में पौष्टिक तत्व पहचानने के आसान तरीके – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: चावल को कई बार प्रॉसेस करने बाद तैयार होने वाली डी-ऑयल्ड राइस ब्रान, खली या दोर्ब या अन्य आहार सामग्री में पौष्टिकता माप पशुपालक कैसे करें यह सवाल बड़ा है. जबकि, इसकी खरीद से पहले लैब रिपोर्ट सामने हो, तो उससे भी मापना किसानों के लिए आसान नहीं होता है. रुद्रपुर सॉल्वेंट्स के डायरेक्टर अंकित बंसल ने किसान इंडिया को बताया कि कई बार खरीदार रिपोर्ट खोलकर सबसे पहले क्रूड प्रोटीन की संख्या देखते हैं और उसी आधार पर पूरी खेप को अच्छा या खराब मान लेते हैं. यह तरीका अधूरा हो सकता है और मिलने वाले फायदे भी घट सकते हैं.

रुद्रपुर सॉल्वेंट्स के डायरेक्टर अंकित बंसल ने बताया कि डी-ऑयल्ड राइस ब्रान (दोर्ब) की उपयोगिता उसके पूरे गुणवत्ता पैटर्न पर निर्भर करती है. प्रोटीन के साथ फाइबर, नमी, कुल राख, एसिड-इंसोल्यूबल ऐश (आईए), रेत-सिलिका, गंध, रंग और भौतिक स्थिति को भी समझना चाहिए. उन्होंने बताया कि लैब रिपोर्ट को बैच से मिलाने के लिए सबसे पहले देखें कि रिपोर्ट पर बैच नंबर, नमूना लेने की तारीख, नमूना पहचान और परीक्षण की तारीख दर्ज है या नहीं. रिपोर्ट जिस नमूने की है, वह आपके सामने रखी खेप से जुड़ा होना चाहिए. केवल किसी पुराने या सामान्य नमूने की रिपोर्ट देखकर नई खेप को समान मान लेना सुरक्षित नहीं है. बोरे, चालान और रिपोर्ट पर लिखे बैच विवरण को आपस में मिलाना खरीद की पहली जांच है.

क्रूड प्रोटीन उपयोगी शुरुआती संकेत है, लेकिन यह पाचनशीलता या वास्तविक फीडिंग वैल्यू का पूरा प्रमाण नहीं है. समान प्रोटीन संख्या वाली दो खेपों में फाइबर, नमी, राख या खनिज मिलावट अलग हो सकती है. इसलिए प्रोटीन को हमेशा उसी रिपोर्ट के दूसरे परिणामों के साथ पढ़ें. यदि कोई संख्या आकर्षक दिखे, लेकिन सामग्री की गंध, बहाव या अन्स पैरामीटर मेल न खाएं, तो अतिरिक्त सवाल पूछना उचित है.

फाइबर प्राकृतिक रूप से मौजूद हो सकता है, लेकिन बहुत अधिक या खराब पचने वाला फाइबर आहार की उपयोगी ऊर्जा को घटा सकता है. खासकर ऊर्जा-संवेदनशील आहार में यह महत्वपूर्ण है. रिपोर्ट में फाइबर को अकेले दोष या गुण न मानें, उसे प्रोटीन, ऊर्जा, पशु की प्रजाति और पूरे राशन के संदर्भ में देखें. असामान्य रूप से अधिक फाइबर होने पर भूसी, छिलके या अन्ध्र गैर-पोषक सामग्री की संभावना पर स्पष्टीकरण मांगें.

अंकित बंसल ने बताया कि कुल राख सामग्री जलने के बाद बचने वाले अकार्बनिक अवशेष का संकेत देती है. यह अपने आप में खराब गुणवत्ता सिद्ध नहीं करती, क्योंकि फीड सामग्री में खनिज भी हो सकते हैं. लेकिन कुल राख के साथ आईए या रेत-सिलिका संकेतक भी अधिक हों, तो गैर-पोषक खनिज पदार्थ, मिट्टी या रेत की संभावना की जांच करनी चाहिए. खरीदार को केवल कुल राख देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. जुड़े हुए परिणामों का पैटर्न अधिक उपयोगी है.

नमी केवल एक लैब संख्या नहीं है. यह आगे होने वाली गांठ, गर्मी, बासी गंध और फफूंद के जोखिम से जुड़ी है. रिपोर्ट की नमी को वास्तविक बोरे और गोदाम की स्थिति के साथ मिलाएं. यदि रिपोर्ट सूखी सामग्री दिखाती है, लेकिन खेप में गीले बोरे, चिपचिपाहट या असामान्य गर्मी दिखाई दे, तो नमूना और वर्तमान स्थिति की दोबारा जांच जरूरी है.

उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट और भौतिक निरीक्षण एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं. सामग्री का रंग, गंध, बहाव, गांठ, धूल, कीटों के निशान और बोरे की हालत देखें. तेज सीलन या फफूंद जैसी गंध, असमान रंग, चिपकी हुई सामग्री या पानी के निशान मिलें तो खेप को अच्छे स्टॉक में मिलाने से पहले अलग रखें. ऐसे संकेत रिपोर्ट में दर्ज न हुई स्थानीय खराबी की ओर इशारा कर सकते हैं.

एक ही बोरे या ऊपर रखे साफ दिखाई देने वाले हिस्से से लिया गया नमूना पूरी खेप का प्रतिनिधित्व नहीं कर अलग-अलग बोरे, ढेर की ऊंचाई और अलग स्थानों से छोटे हिस्से लेकर संयुक्त नमूना बनाना अधिक होता है. नमूना लेने की प्रक्रिया, सीलबंद संदर्भ नमूना और बैच पहचान लिखकर रखना बाद में उठने बालविवाद को कम कर सकता है. बड़ी खेप में यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.

रिपोर्ट पढ़ते समय चार प्रश्न लिखकर रखें- क्या रिपोर्ट इसी बैच की है? क्या प्रोटीन के साथ फाइबर, राख, आईए, रेत-सिलिका और नमी भी उपलब्ध हैं? क्या रिपोर्ट के परिणाम वास्तविक सामग्री की गंध, रंग और बहाव से मेल खाते हैं? और क्या इस खेप को रखने के लिए सूखा, हवादार स्थान उपलब्ध है? यदि इनमें से किसी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट नहीं है, तो बड़ी मात्रा में खरीद से पहले स्पष्टीकरण या दोबारा परीक्षण मांगना बेहतर है.

लैब रिपोर्ट खरीदार को सामग्री समझने में मदद करती है, लेकिन यह अपने आप किसी पशु के लिए अंतिम राशन नहीं बनाती. उम्र, स्वास्थ्य, दूध या मांस उत्पादन, उपलब्ध चारा और अन्य सामग्री के अनुसार फॉर्मूलेशन बदलता है. दोर्ब की मात्रा और पूरे आहार का संतुलन योग्य पशु-पोषण विशेषज्ञ या पशुचिकित्सक की सलाह से तय किया जाना चाहिए.

दोर्ब खरीदते समय सबसे मजबूत निर्णय वह है जिसमें रिपोर्ट, नमूना, भौतिक निरीक्षण और भंडारण की तैयारी एक साथ जुड़ी हो. प्रोटीन से शुरुआत करें, लेकिन वहीं रुकें नहीं. फाइबर, राख, आईए, रेत-सिलिका, नमी और सामग्री की वास्तविक स्थिति को साथ पढ़ें. यह आदत खरीदार को केवल आकर्षक संख्या या कम कीमत से आगे जाकर अधिक भरोसेमंद गुणवत्ता निर्णय लेने में मदद करती है.

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