एग्रीवेट: गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी और बकाया के साथ ब्याज के भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला. राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता सरदार वीएम सिंह के आह्वान पर हजारों की संख्या में किसान बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की. बिजनौर के अलावा पीलीभीत, मुरादाबाद समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में कलेक्ट्रेट और गन्ना आयुक्त कार्यालय परिसरों में कई दिनों से किसानों ने प्रदर्शन जारी है.
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के आह्वान पर आज 22 सितंबर को बिजनौर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के लिए हजारों किसान सैकड़ों ट्रैक्टर लेकर पहुंचे. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों में हल्की तनातनी होने पर किसानों ने नारेबाजी की और गन्ना मूल्य बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी. पश्चिमी यूपी के लगभग सभी जिलों से किसान भारी संख्या में बिजनौर पहुंचे हैं और वहां पर प्रशासन से किसानों की मागों को लेकर बातचीत की गई है.
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की ओर से बताया गया कि किसानों के हितों की लड़ाई लड़ी जा रही है. किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी, किसानों के पुराने बकाया पर ब्याज, जमीनों के सर्किल रेट में बढ़ोतरी और गुलदार की समस्या से किसानों को राहत दिलाने की मांग की गई है. संगठन का कहना है कि इन मुद्दों का सीधा असर किसानों की आय, जमीन के मूल्य और ग्रामीण क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ रहा है.
संगठन की ओर से जारी बयान के अनुसार सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसानों को अपने हक हासिल करने के लिए जमीन पर उतरना पड़ेगा. सरकारें किसानों का शोषण कर रही हैं. फसलों का सही मूल्य किसानों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि गन्ना बकाया और ब्याज की राशि हासिल करने के लिए हाई कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जा रही है और अभी तक की सुनवाई में गन्ना किसानों के पक्ष में फैसला आया है, मामला अभी कोर्ट में चल रहा है. जल्द ही ब्याज भुगतान किसानों को देने के लिए कोर्ट आदेश करेगा.
किसानों ने कहा कि चीनी का मूल्य लगातार बढ़ रहा है और 74 तक पहुंच गई. लेकिन, गन्ना का मूल्य अब तक नहीं बढ़ाया गया है. जबकि, एक अक्टूबर से नया पेराई सत्र शुरू हो रहा है और अभी तक एफआरपी की घोषणा नहीं की गई है. किसानों ने कहा कि कई मिलों पर किसानों का गन्ना मूल्य बकाया है. बकाया भुगतान करने के आदेश तुरंत जारी किए हैं.