एग्रीवेट: Cyclone Alert: आंध्र प्रदेश के लोगों को अभी चक्रवात अर्नब से पूरी तरह राहत भी नहीं मिली है कि बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान बनने के संकेत मिलने लगे हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र तेजी से मजबूत हो रहा है. आने वाले दिनों में इसके चक्रवात का रूप लेने की आशंका है.
अगर ऐसा होता है, तो आंध्र प्रदेश के साथ तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मौसम पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. खास बात यह है कि चक्रवात अर्नब के गुजरने के महज चार दिन बाद ही एक नया सिस्टम बन रहा है. ऐसे में मौसम विभाग अगले 48 घंटों तक इस पर खास नजर रख रहा है.
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मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. शनिवार शाम तक इसके डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है. इसके बाद भी इसके लगातार मजबूत होने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है.
समुद्र का तापमान किसी भी चक्रवात को ताकत देने में अहम भूमिका निभाता है. इस समय बंगाल की खाड़ी के आसपास समुद्र की सतह का तापमान करीब 29 से 30 डिग्री सेल्सियस है. इतना गर्म पानी तूफान को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है. इसके अलावा, ऊपरी और निचली हवाओं के बीच अंतर भी फिलहाल बहुत ज्यादा नहीं है. ऐसी स्थिति में मौसम सिस्टम को तेजी से मजबूत होने का मौका मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, रविवार तक यह सिस्टम चक्रवात का रूप ले सकता है. इसके बाद सोमवार के आसपास इसके आंध्र प्रदेश के तट से लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है.
बंगाल की खाड़ी में इतने कम समय में दूसरा मजबूत सिस्टम बनना मौसम के लिहाज से अहम है. इससे पहले चक्रवात अर्नब 23 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से विकसित हुआ था. महज चार दिनों में यह बहुत गंभीर चक्रवात बन गया और आंध्र प्रदेश के नरसापुरम तट के पास टकराया था. अब उसी के गुजरने के कुछ दिनों बाद एक नया सिस्टम बन रहा है. हालांकि, यह कितना ताकतवर होगा और किस रास्ते से आगे बढ़ेगा, इसका पता आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा.
मौसम से जुड़े संकेतों के मुताबिक, नया सिस्टम मजबूत होकर आगे बढ़ता है तो भारत के पूर्वी तटीय राज्यों में मौसम बदल सकता है. इसमें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. मौसम जानकारों के मुताबिक, अल नीनो वाले सालों में बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में चक्रवात बनने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. ऐसे तूफान कई बार तेजी से ताकत पकड़ते हैं और कम समय में तट की ओर बढ़ते हैं.