दिल्ली में 23 अक्टूबर से शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन, 150 से ज्यादा देशों के खरीदार होंगे शामिल – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 22 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: दिल्ली में 23 अक्टूबर से शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन, 150 से ज्यादा देशों के खरीदार होंगे शामिल – भारत में चावल के कारोबार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 23 अक्टूबर से नई दिल्ली में भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (BIRC 2026) आयोजित किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाला यह सम्मेलन 25 अक्टूबर तक भारत मंडपम में होगा। इसमें 150 से अधिक देशों के खरीदार शामिल होंगे। सम्मेलन शुरू होने से पहले ही कारोबार से जुड़ी 2,038 बैठकों की योजना बनाई जा चुकी है। इसके जरिए भारतीय चावल निर्यातकों और विदेशी खरीदारों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी।

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन के लिए 4,649 खरीदारों ने पंजीकरण कराया है। इनमें कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित कई देशों के खरीदार शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध जगह लगातार दूसरे साल पूरी तरह बुक हो गई है। इसमें 180 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी।

सम्मेलन में भारतीय चावल आपूर्तिकर्ताओं और विदेशी खरीदारों के बीच कारोबारी बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों की व्यवस्था सम्मेलन के डिजिटल मंच के जरिए की गई है। EY इन बैठकों के आयोजन में सहयोग कर रही है, ताकि भारतीय कंपनियां संभावित अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से सीधे बातचीत कर सकें। इस आयोजन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित देश के प्रमुख चावल उत्पादक और कारोबार से जुड़े राज्यों की भागीदारी रहेगी।

आईआऱएफई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग ने कहा कि इस बार सम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों से अच्छी भागीदारी के साथ विदेशी खरीदारों की भी बढ़ती दिलचस्पी देखने को मिल रही है। उनके मुताबिक, राज्यवार आंकड़ों में दर्ज करीब 91 प्रतिशत पंजीकरण दिल्ली के बाहर से हुए हैं। राज्यों के हिसाब से देखें तो महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है। इसके बाद दिल्ली की 9.2 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की 8.4-8.4 प्रतिशत, गुजरात की 8.2 प्रतिशत, तमिलनाडु की 6.2 प्रतिशत, मध्य प्रदेश की 5.2 प्रतिशत और कर्नाटक की 5.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सम्मेलन के दौरान 23 और 24 अक्टूबर को जानकारी और चर्चा से जुड़े नौ सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें वैश्विक बाजार में चावल की मांग और आपूर्ति, निर्यात के अवसर, माल ढुलाई का खर्च, भुगतान से जुड़े जोखिम, गुणवत्ता मानक और सरकारी नीतियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। उद्घाटन सत्र का विषय होगा- ‘2027 में वैश्विक चावल की मांग और आपूर्ति: कीमतों में गिरावट या तेजी?’ इसमें S&P Global, BigMint, EY और IREF के विशेषज्ञ बाजार की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे। साथ ही, कीमतों में तेजी, सामान्य स्थिति या गिरावट की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।

सम्मेलन में ‘2027 में नजर रखने लायक चावल के 10 प्रमुख बाजारों’ की सूची भी जारी की जाएगी। इसमें बासमती और गैर-बासमती चावल के लिए संभावित बाजारों का आकलन मांग, प्रतिस्पर्धा, कीमत, बाजार तक पहुंच और भुगतान से जुड़े जोखिमों के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, निर्यात भुगतान और बीमा, प्रमाणन, टिकाऊ उत्पादन, चावल मिलों के मुनाफे और मूल्यवर्धित उत्पादों पर भी चर्चा होगी। इन सत्रों का उद्देश्य निर्यातकों और चावल प्रसंस्करण से जुड़े कारोबारियों को बाजार की जानकारी देना और कारोबार व निवेश से जुड़े फैसले लेने में मदद करना है।

सम्मेलन में ‘ग्लोबल राइस आर्काइव’ भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें भारत और अन्य देशों की चावल की करीब 200 किस्में रखी जाएंगी। इसके जरिए चावल की अलग-अलग किस्मों और उनकी विविधता को सामने लाया जाएगा। वहीं, 25 अक्टूबर को चावल महोत्सव आयोजित होगा। इसमें 50 से अधिक देशों के व्यंजन, बिरयानी की 25 से ज्यादा किस्में, रसोइयों की प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और परिवारों के लिए विभिन्न गतिविधियां होंगी। इस आयोजन में चावल की खास किस्मों और उनसे तैयार होने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों से जुड़े अवसरों को भी दिखाया जाएगा।

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