एग्रीवेट: Milk Production India: भारत दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश है. गांवों में लाखों किसान गाय-भैंस पालकर दूध बेचते हैं और इसी से अपने परिवार का खर्च चलाते हैं. लेकिन आने वाला साल डेयरी किसानों के लिए मुश्किलें लेकर आ सकता है. दरअसल, मौसम में होने वाले बदलाव और अल नीनो के असर से देश में दूध उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका जताई गई है. अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2027 में भारत का दूध उत्पादन बढ़ेगा जरूर, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसकी बढ़ोतरी कम रह सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह सूखे जैसे हालात और पशुओं के लिए हरे चारे की कमी हो सकती है.
अमेरिकी कृषि विभाग की फॉरेन एग्रीकल्चरल सर्विस (FAS) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2027 में भारत का कुल दूध उत्पादन करीब 22.65 करोड़ टन तक पहुंच सकता है. यह साल 2026 के मुकाबले लगभग 2 फीसदी ज्यादा होगा. हालांकि, 2026 में दूध उत्पादन की बढ़ोतरी 2.5 फीसदी रहने का अनुमान है. यानी दूध का उत्पादन बढ़ता रहेगा, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में अच्छी मॉनसून बारिश होने से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बढ़ी थी. इसका फायदा 2026 में दूध उत्पादन को मिला. लेकिन अगले साल मौसम की स्थिति बदल सकती है.
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रिपोर्ट में दूध उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ने के पीछे अल नीनो को एक बड़ी वजह बताया गया है. इसके असर से कई इलाकों में बारिश कम होने और सूखे जैसे हालात बनने की आशंका है. अगर बारिश कम होती है, तो हरे चारे की पैदावार पर भी असर हो सकता है. ऐसे में पशुपालकों को चारा खरीदने पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. वहीं, पशुओं को भरपूर और पौष्टिक चारा नहीं मिलने से दूध देने की क्षमता भी घट सकती है.
दूध उत्पादन की रफ्तार भले ही धीमी पड़ने का अनुमान है, लेकिन मक्खन और मिल्क पाउडर का उत्पादन बढ़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 में मक्खन का उत्पादन 2.2 फीसदी बढ़कर 76 लाख टन तक पहुंच सकता है. वहीं, स्किम्ड मिल्क पाउडर यानी बिना मलाई वाले दूध के पाउडर का उत्पादन 2.5 फीसदी बढ़कर 8.10 लाख टन रहने का अनुमान है. हालांकि, देश में दूध और डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग के चलते मिल्क पाउडर का निर्यात घटकर करीब 7,000 टन रह सकता है.
देश में पशुपालक अब ज्यादा दूध देने वाली क्रॉसब्रेड गायों और बेहतर उत्पादन वाली भैंसों को प्राथमिकता दे रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 में दूध देने वाली गायों की संख्या 1.3 फीसदी बढ़कर करीब 6.33 करोड़ हो सकती है. भारत में लगभग 95 फीसदी दूध उत्पादकों के पास एक से पांच पशु हैं. हालांकि, अब 20 या उससे ज्यादा पशु रखने वाले डेयरी फार्म भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं.
भारत के कुल दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब की बड़ी हिस्सेदारी है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये छह राज्य मिलकर देश के कुल दूध उत्पादन में 60 फीसदी से ज्यादा योगदान देते हैं. वहीं, देश में दूध की घरेलू खपत भी लगातार बढ़ रही है. अनुमान है कि 2027 में सीधे इस्तेमाल होने वाले दूध की खपत करीब 9.5 करोड़ टन तक पहुंच सकती है. ऐसे में पशुपालकों के लिए आने वाले समय में चारे की सही व्यवस्था और पशुओं की बेहतर देखभाल करना बेहद जरूरी होगा.