एग्रीवेट: गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पंचायत करेगी. इस पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना है. BKU के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान 22 अक्टूबर की शाम नौचंडी एक्सप्रेस से लखनऊ के लिए रवाना होंगे. किसानों की मांग है कि गन्ने का उचित दाम तय किया जाए और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए.
BKU के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि लखनऊ जाने वाले किसानों और दूसरे यात्रियों को यात्रा में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है. ज्ञापन में नौचंडी एक्सप्रेस में पांच अतिरिक्त कोच जोड़ने की मांग की गई है. किसान यूनियन का कहना है कि गन्ने के दाम बढ़ाने के साथ-साथ किसानों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी सरकार और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए. इन्हीं मांगों को लेकर किसान लखनऊ में पंचायत करेंगे और अपनी आवाज उठाएंगे.
बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट वीके सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस की बैठक हुई. इस दौरान BKU ने पिछले महीने उठाए गए करीब 22 मुद्दों का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई. किसान यूनियन ने कहा कि इन समस्याओं को पहले भी प्रशासन के सामने रखा गया था, लेकिन अब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. बैठक में जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान करने का निर्देश दिया. अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है.
गन्ने के दाम बढ़ाने के अलावा किसानों ने कई दूसरी समस्याएं भी उठाई हैं. उनकी मांग है कि गन्ने की तौल में होने वाली हेराफेरी को रोका जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके. इसके साथ ही किसानों ने खराब सड़कों की मरम्मत कराने, भूमि रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को सुधारने और बाजार में डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि खराब सड़कें, जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और खाद की कमी जैसी समस्याओं का असर खेती पर पड़ता है.
23 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली पंचायत में गन्ने के दाम बढ़ाने सहित किसानों की अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा. किसान चाहते हैं कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें. अब देखना होगा कि पंचायत के बाद गन्ने के दाम और अन्य मुद्दों पर किसानों को क्या आश्वासन मिलता है. (PTI)