केंद्र के पश्चिमी घाट ESA में बदलाव की मांग, केरलम विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: केरलम विधानसभा ने पश्चिमी घाट के इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया (ESA) को लेकर केंद्र सरकार से राज्य के संशोधित प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग की है. विधानसभा ने गुरुवार को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से कहा कि पश्चिमी घाट के लिए अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले राज्य के प्रस्ताव पर विचार किया जाए. राज्य सरकार ने 98 राजस्व गांवों के कुल 8,590.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को ESA के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव दिया है.

बिजली, पर्यावरण और संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने विधानसभा में यह प्रस्ताव पेश किया. इसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि पश्चिमी घाट के ESA की अंतिम अधिसूचना राज्य के संशोधित प्रस्ताव को ध्यान में रखकर जारी की जाए. राज्य सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों, किसानों और अन्य प्रभावित समुदायों के हितों की रक्षा हो सकेगी.

मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सदन में कहा कि मौजूदा UDF सरकार ने इस मुद्दे पर पिछली LDF सरकार के समान रुख अपनाया है. विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने सुझाव दिया कि प्रस्ताव में पिछले 10 वर्षों के दौरान वामपंथी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख होना चाहिए.

इसके बाद मंत्री सनी जोसेफ ने स्पष्ट किया कि अंतिम प्रस्ताव लगातार सत्ता में रही सरकारों के प्रयासों का नतीजा है. भाजपा विधायक वी मुरलीधरन ने भी सुझाव दिया कि प्रस्ताव में यह बात शामिल की जाए कि केंद्र ने जनहित को ध्यान में रखते हुए अभी तक अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की है. मंत्री ने इस सुझाव को भी स्वीकार कर लिया.

विधानसभा के प्रस्ताव में केंद्र से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि ESA के नियम इस क्षेत्र की निर्धारित सीमाओं के बाहर लागू न हों. इसके अलावा, रेड कैटेगरी के उद्योगों से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा करने और कुछ गतिविधियों को विशेष परिस्थितियों के आधार पर छूट देने की मांग की गई.

इनमें दूध प्रसंस्करण और डेयरी उत्पाद बनाने वाली इकाइयां, बूचड़खाने, मांस प्रसंस्करण इकाइयां, साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्र (CETP) और 5 MVA से अधिक क्षमता वाले डीजल जनरेटर इस्तेमाल करने वाले स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं.

प्रस्ताव में नए स्वास्थ्य संस्थानों, पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाओं और 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बनने वाली ऐसी टाउनशिप को छूट देने पर विचार करने का अनुरोध किया गया है, जिन्हें किसी आपदा या संकट से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए स्थापित किया जाता है.

हालांकि, इन गतिविधियों को छूट देने के लिए पर्यावरण कानूनों और प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करना होगा. संबंधित परियोजनाओं को सभी जरूरी वैधानिक मंजूरियां भी प्राप्त करनी होंगी. राज्य सरकार ने कार्डमम हिल रिजर्व को भी ESA के दायरे से बाहर रखने की मांग की है. प्रस्ताव में इसके पीछे लंबे समय से हो रही इलायची की खेती, मानव बस्तियों और पहले से मौजूद बुनियादी ढांचे को प्रमुख कारण बताया गया है.

मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि पश्चिमी घाट के लिए अंतिम अधिसूचना इस तरह जारी की जानी चाहिए कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी सुरक्षित रहे और उसका दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित हो. साथ ही, राज्य के लोगों की आजीविका, किसानों के हितों, पारंपरिक कृषि पद्धतियों, मानव बस्तियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य और जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास की भी रक्षा हो. विधानसभा के प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अंतिम अधिसूचना में मानव बस्तियों, कृषि भूमि और बागानों को ESA के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाना चाहिए. (पीटीआई)

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