अल नीनो से तेलंगाना में सूखे का खतरा! मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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अल नीनो से तेलंगाना में सूखे का खतरा! मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी - एग्रीवेट - नीनो तेलंगाना में

एग्रीवेट: तेलंगाना में अल नीनो के असर से सूखे जैसे हालात बनने की आशंका के बीच मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों को पीने के पानी और बिजली की कमी का सामना नहीं करना पड़े. इसके लिए पहले से तैयारी की जाए. मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति में हो रही रुकावटों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही होने पर वरिष्ठ अधिकारियों और तेलंगाना पावर जनरेशन कॉरपोरेशन (जेनको) के सीएमडी को भी निलंबित किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्हें बताया गया कि अल नीनो के प्रभाव और बारिश की कमी के कारण राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं. बैठक में जिलों के हिसाब से बारिश की कमी और मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हालात को देखते हुए समय रहते तैयारी करें, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में पीने के पानी की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योजना तैयार की जाए. पानी की कमी होने पर लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पहले से जरूरी इंतजाम किए जाएं. उन्होंने हैदराबाद में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल निर्माण कार्यों और दूसरे जरूरी कामों में करने के निर्देश भी दिए. इससे पीने के पानी को बचाने में मदद मिल सकती है. साफ किए गए पानी का इस्तेमाल ऐसे कामों में करने से पेयजल की मांग पर दबाव कम किया जा सकता है.

राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बिजली की कमी की आशंका पहले से होने के बावजूद बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम क्यों नहीं उठाए गए. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिजली की आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली कटौती किन कारणों से हो रही है, इसकी जानकारी दी जाए और समस्या को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.

मुख्यमंत्री ने यदाद्री बिजली संयंत्र में उसकी क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन नहीं होने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि जब नैनी और महानदी कोयला खदानों से कोयले की आपूर्ति की व्यवस्था हो चुकी है, तो बिजली संयंत्र में पूरा उत्पादन क्यों नहीं हो रहा है. उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के जवाब पर भी नाराजगी जताई. मुख्यमंत्री ने कहा कि खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसानों को समय पर बिजली मिलना जरूरी है. इसके बावजूद बिजली आपूर्ति को लेकर अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया.

रेवंत रेड्डी ने कहा कि वह राज्य की जनता के प्रति जवाबदेह हैं. इसलिए बिजली उत्पादन और आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल लोगों की जरूरतों पर ही नहीं, बल्कि पशुओं की देखभाल पर भी ध्यान देने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि सूखे जैसे हालात बनने पर पशुओं के लिए चारे और दूसरी जरूरी सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए. बारिश की कमी का असर खेती और पशुपालन पर भी पड़ सकता है. ऐसे में किसानों और पशुपालकों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए पहले से योजना बनाने पर जोर दिया गया.

मुख्यमंत्री ने राज्य के हर मंडल में स्थिति पर नजर रखने के लिए ग्रुप-1 और ग्रुप-2 के अधिकारियों को प्रभारी बनाने का निर्देश दिया. ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पानी, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं की स्थिति पर नजर रखेंगे. उन्हें अपने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की जानकारी मुख्य सचिव को देनी होगी. इससे सरकार को समय पर पता चल सकेगा कि कहां पानी या बिजली की ज्यादा जरूरत है और किन इलाकों में तुरंत मदद पहुंचानी जरूरी है.

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अल नीनो को एक बड़ी आपदा जैसी स्थिति बताते हुए लोगों को इसके प्रभावों के बारे में जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित संकट को देखते हुए सभी विभाग मिलकर काम करें. अल नीनो एक मौसमी जलवायु घटना है, जो प्रशांत महासागर के पानी के तापमान में बदलाव से जुड़ी होती है. इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में मौसम और बारिश के पैटर्न पर पड़ सकता है. हालांकि, किसी क्षेत्र में बारिश कितनी होगी, यह कई दूसरे मौसमी कारणों पर भी निर्भर करता है.

तेलंगाना सरकार के सामने इस समय लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने, बिजली आपूर्ति बनाए रखने और किसानों की खड़ी फसलों को बचाने की चुनौती है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम करने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए हैं.

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