तिलहन बाजार में बंपर उछाल: सरकारी MSP से 1730 रुपये महंगी बिक रही सरसों, एक साल में दोगुना हुआ तिल का दाम – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: देश के कमोडिटी बाजार और कृषि मंडियों से किसानों के लिए बेहद अच्छी खबर आ रही है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक Agmarknet डेटा के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में तिलहन फसलों (Oilseeds) की मांग बढ़ने से कीमतों में भारी रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा मुनाफा सरसों, सोयाबीन और तिल की खेती करने वाले किसानों को मिल रहा है, क्योंकि बाजार में इनके थोक दाम सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और पिछले सालों के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं.

अक्टूबर 2026 के ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राई और सरसों का औसत मंडी थोक भाव 7,930.15 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है. सरकार द्वारा तय सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6,200 रुपये प्रति क्विंटल है, जिसका मतलब है कि मंडियों में किसानों को MSP से करीब 1,730 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा का दाम मिल रहा है. पिछले साल के मुकाबले सरसों में 15.26% की मजबूती आई है.

मंडियों में सबसे महंगी बिकने वाली फसल तिल बनी हुई है. इसका मौजूदा भाव 12,582.98 रुपये प्रति क्विंटल है. हालांकि पिछले हफ्ते के मुकाबले इसमें कुछ गिरावट आई है, लेकिन सालाना आधार पर (अक्टूबर 2025 की तुलना में) तिल की कीमतों में 92.57% की बंपर तेजी आई है, यानी दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं.

सोयाबीन के बाजार में भी जबरदस्त सुधार हुआ है. एक साल पहले अक्टूबर 2025 में जो सोयाबीन 3,956.99 रुपये पर था, वह आज 6,786.21 रुपये प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रहा है. इसमें सालाना तौर पर 71.49% और इस महीने 17.79% का उछाल आया है.

मंडियों में सूरजमुखी (Sunflower) का भाव 8,100 रुपये प्रति क्विंटल पर मजबूत बना हुआ है, जिसमें एक महीने में 13.65% का सुधार देखा गया है. वहीं दूसरी ओर, मूंगफली (Groundnut) के भाव में इस हफ्ते 6.12% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है और यह 7,357.82 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है, लेकिन लंबी अवधि (1 साल) के हिसाब से मूंगफली अभी भी अपने निवेशकों और किसानों को 32.83% का शानदार मुनाफा दे रही है.

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में खाद्य तेलों की घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरणों को देखते हुए तिलहन की कीमतों में यह मजबूती आगे भी बरकरार रह सकती है.

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