एग्रीवेट: Agriculture Education: आजकल बच्चे खेती-किसानी से धीरे-धीरे दूर होते जा रहे हैं. कई बच्चों को यह तक नहीं पता होता कि घर में आने वाली सब्जियां और फल खेत में कैसे उगते हैं. बच्चों को खेती और प्रकृति से जोड़ने के लिए आईआईटी रोपड़ ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है. संस्थान के डिजिटल खेती में एआई पर काम करने वाले केंद्र अन्नम.एआई ने ‘अवनी – ग्रो विद नेचर’ नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है. इसकी मदद से बच्चे अपने आसपास के पौधों, फसलों और खाने की चीजों को देखकर उनके बारे में आसानी से सीख सकेंगे.
AVNI एक वेब और मोबाइल प्लेटफॉर्म है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल किया गया है. बच्चा किसी पौधे, फल, सब्जी या फसल को देखकर उसके बारे में जानकारी हासिल कर सकता है. इसमें फलों, सब्जियों, मसालों, अनाज और मोटे अनाज यानी मिलेट्स से जुड़ी जानकारी दी गई है. इसका मकसद बच्चों को सिर्फ किताबों से पढ़ाने के बजाय उनके आसपास मौजूद चीजों के जरिए खेती और प्रकृति को समझाना है.
इस प्लेटफॉर्म की खास बात यह है कि, सीखने के लिए बच्चों को किसी खास जगह जाने की जरूरत नहीं होगी. स्कूल के बगीचे में लगा कोई पौधा, घर में रखा फल या आसपास के खेत में खड़ी फसल उनके लिए सीखने का जरिया बन सकती है. यानी बच्चा जिस चीज को रोज देखता है, उसी के बारे में सवाल पूछकर और उसे पहचानकर खेती-किसानी की बुनियादी बातें समझ सकता है. इससे बच्चों को यह जानने में मदद मिलेगी कि उनकी थाली तक पहुंचने वाला खाना आखिर पैदा कहां और कैसे होता है.
AVNI को बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है. छोटे बच्चों के लिए इसमें ऑडियो कंटेंट भी दिया गया है, ताकि उन्हें पढ़ने के साथ-साथ सुनकर सीखने का मौका मिले. प्लेटफॉर्म में रोजाना के चैलेंज, डिजिटल नेचर बुक, नेचर गैलरी और फसल की तुलना जैसे फीचर भी शामिल हैं. बच्चे इनमें अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, अलग-अलग पौधों और फसलों को देख सकते हैं और उनके बीच अंतर भी समझ सकते हैं.
IIT रोपड़ के मुताबिक, AVNI का उद्देश्य बच्चों को खेती के बारे में जानकारी तब देना है, जब उन्होंने इसे अलग विषय के तौर पर पढ़ना भी शुरू नहीं किया हो. इसके जरिए बच्चों में कम उम्र से ही पौधों, फसलों, भोजन और प्रकृति को लेकर रुचि पैदा करने की कोशिश की जा रही है. यह प्लेटफॉर्म सिर्फ जानकारी पढ़ने के बजाय बच्चों को अपने आसपास की चीजों को देखने, पहचानने और उनके बारे में जानने के लिए प्रेरित करता है.
AVNI को आईआईटी रोपड़ की ANNAM.एआई टीम ने विकसित किया है. इस पहल को डॉ. मुकेश सैनी ने विकसित किया है, जो ANNAM.एआई के को-प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं. संस्थान के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म मुफ्त है और इसमें विज्ञापन नहीं हैं. इसे बच्चों के लिए सुरक्षित और उनकी उम्र के हिसाब से आसान बनाने पर भी ध्यान दिया गया है. ANNAM.एआई जहां एआई के जरिए खेती से जुड़ी तकनीक पर काम कर रहा है, वहीं AVNI इसी तकनीक को बच्चों की शिक्षा से जोड़ने की कोशिश है.