एग्रीवेट: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि महाराष्ट्र के बारामती में किसानों ने तकनीक की मदद से गन्ने की पैदावार में 40 फीसदी तक बढ़ोतरी की है. खास बात यह है कि इस दौरान किसानों ने मजदूरी का खर्च कम किया और पानी व खाद का इस्तेमाल भी घटाया. उन्होंने बताया कि किसानों ने सैटेलाइट डेटा, सेंसर और मौसम की जानकारी का इस्तेमाल करके गन्ने की खेती में बेहतर फैसले लिए. इससे फसल की जरूरत के मुताबिक पानी और खाद का इस्तेमाल किया गया और खेती की लागत कम करने में मदद मिली.
वैष्णव ने ये बातें दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026 के कार्यक्रम में कहीं. समाचार एजेंसी IANS ने उनके बयान का वीडियो अपने X हैंडल पर साझा किया है. मंत्री के मुताबिक, खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पानी, खाद और मजदूरी जैसी लागत को कम करने में भी मदद कर सकता है.
बता दें कि महाराष्ट्र के बारामती में किसान बड़े स्तर पर गन्ने की खेती करते हैं. यहां के गन्ना किसान काफी समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से खेती से जुड़े फैसले ले रहे हैं. एआई की मदद से उन्हें रोजाना अलर्ट मिलते हैं. इन अलर्ट के जरिए किसान तय कर सकते हैं कि खेत में कब सिंचाई करनी है, कहां खाद डालनी है और किन जगहों पर कीटों की जांच करनी है. इस परियोजना से खेती के तरीके और किसानों की सावधानियों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इस पहल का नाम ‘फार्म ऑफ द फ्यूचर’ है. इसे एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट (ADT), बारामती, माइक्रोसॉफ्ट और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी मिलकर चला रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट के पार्टनर Click2Cloud ने किसानों के लिए Agripilot.ai ऐप तैयार किया है. यह ऐप अंग्रेजी, हिंदी और मराठी में खेती से जुड़े अलर्ट देता है, ताकि किसान आसानी से सलाह समझकर उस पर अमल कर सकें.