एग्रीवेट: Haryana Paddy Procurement: हरियाणा में धान खरीद को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है. मंडियों में फसल पहुंचने के बावजूद खरीद और उठान में देरी के आरोप लग रहे हैं. इसी को लेकर रविवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के किसानों ने यमुनानगर में पंचकूला-देहरादून हाईवे (NH-344) जाम कर दिया. वहीं करनाल के घरौंडा अनाज मंडी में भी किसानों ने खरीद में देरी का आरोप लगाते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगा दिया.
यमुनानगर के औरंगाबाद गांव में BKU टिकैत के किसानों ने धान खरीद समेत कई मांगों को लेकर हाईवे पर प्रदर्शन किया. संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जिले की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे. बैठक में किसानों ने धान खरीद, फसल में तय नमी की सीमा बढ़ाने और गन्ने के राज्य सलाहकारी मूल्य यानी SAP में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे उठाए.
किसानों की मांग है कि, धान में नमी की स्वीकार्य सीमा 17 फीसदी से बढ़ाकर 22 फीसदी की जाए. इसके अलावा गन्ने का SAP 415 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 600 रुपये करने की मांग भी रखी गई. किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को वापस लेने की मांग भी उठाई.
बैठक के बाद राकेश टिकैत और प्रदेश इकाई के नेताओं ने मांग की कि, जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर किसानों का ज्ञापन ले. काफी इंतजार के बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो टिकैत समर्थकों के साथ ट्रैक्टर लेकर पास के चौराहे पर पहुंच गए और NH-344 पर जाम लगा दिया.
करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक यातायात प्रभावित रहा. इसके बाद जगाधरी के SDM विश्वनाथ मौके पर पहुंचे और करीब 30 मिनट किसानों के बीच बैठकर उनकी बात सुनी. किसानों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मुलाकात यमुनानगर के उपायुक्त से कराई जाएगी और मांगों को हरियाणा सरकार तक पहुंचाया जाएगा. राकेश टिकैत ने कहा कि खेतों में फसल तैयार है, लेकिन अगर समय पर खरीद नहीं हुई तो किसानों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो 12 अक्टूबर को होने वाली अगली बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी.
करनाल के घरौंडा अनाज मंडी में भी धान खरीद में देरी को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया. BKU (सर छोटूराम) से जुड़े किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगा दिया. किसानों का आरोप है कि सरकार ने 29 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की बात कही थी, लेकिन मंडी में अभी भी बड़ी मात्रा में धान बिना बिके पड़ा है. किसान नेताओं ने पोर्टल पर सत्यापन में देरी को भी खरीद प्रक्रिया में रुकावट बताया. उनका कहना है कि खरीद में देरी और फसल की क्वालिटी से जुड़े नियमों के कारण किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिलने में नुकसान हो सकता है.
करनाल के उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा के अनुसार, शनिवार तक जिले की मंडियों में 36,703 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका था. इसमें से विभिन्न एजेंसियों ने अभी तक 2,867 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी. इसी बीच कांग्रेस नेताओं ने भी करनाल की नई अनाज मंडी पहुंचकर खरीद, उठान और भुगतान से जुड़ी दिक्कतों की जानकारी ली. दूसरी ओर कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश के अनुसार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा.