एग्रीवेट: 02 अक्टूबर 2026, जयपुर: राजस्थान: खेत में फसल अवशेष जलाया तो लगेगा ₹30 हजार तक जुर्माना, रोकथाम के लिए बनी समिति – राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में फसल कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष जलाने की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने समिति का गठन किया है। उपखंड स्तर पर गठित इस समिति में संबंधित उपखंड अधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उप पुलिस अधीक्षक, खंड विकास अधिकारी और तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है।
जिला कलेक्टर के अनुसार, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की ओर से फसल अवशेष नहीं जलाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों की पालना में उपखंड स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों को फसल कटाई के बाद अवशेष जलाने की घटनाओं की रोकथाम और निगरानी के साथ किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है।
फसल अवशेष जलाने की घटनाओं के दौरान समिति की ओर से उपखंड स्तर पर साप्ताहिक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें फसल अवशेष जलाने की रोकथाम, नियंत्रण और मॉनिटरिंग के लिए की जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा होगी। फसल अवशेष जलाने के प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक और प्रतिरोधात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
समिति की ओर से पंचायत समिति के विकास अधिकारी, पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक और ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारियों की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी किसानों से लगातार संपर्क कर उन्हें फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए जागरूक करेगी। किसानों को फसल अवशेषों को खेत में ही मिलाकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके बावजूद अगर फसल अवशेष जलाने की घटना सामने आती है, तो इसकी सूचना ब्लॉक स्तरीय समिति को दी जाएगी।
माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजधानी और निकटवर्ती क्षेत्रों में पराली जलाने पर पर्यावरणीय प्रतिकर के अधिरोपण, संग्रह और उपयोग संबंधी नियम, 2023 में संशोधन के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसके तहत फसल अवशेष जलाने के दोषी किसानों से जमीन के रकबे के अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा। दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर ₹5 हजार, 2 एकड़ या उससे अधिक लेकिन 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर ₹10 हजार और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर ₹30 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।