पंजाब में धान खरीद से पहले स्टोरेज संकट, गोदामों में 280 लाख टन अनाज.. नई फसल के लिए जगह नहीं – एग्रीवेट

Team Agrivate
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पंजाब में धान खरीद से पहले स्टोरेज संकट, गोदामों में 280 लाख टन अनाज.. नई फसल के लिए जगह नहीं - एग्रीवेट - पंजाब में धान

एग्रीवेट: पंजाब में 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली धान की सरकारी खरीद से पहले स्टोरेज की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. राज्य के गोदामों, राइस मिलों और मंडियों में पहले से करीब 280 लाख टन खाद्यान्न रखा हुआ है. ऐसे में नई धान की फसल रखने के लिए जगह की कमी चिंता बढ़ा रही है. राज्य सरकार इस सीजन में धान खरीद के लिए 1,832 मंडियां खोलने जा रही है. लेकिन सीमित भंडारण क्षमता के कारण नई फसल की खरीद और मंडियों से अनाज के समय पर उठान में परेशानी की आशंका है.

राज्य में कुल भंडारण क्षमता करीब 180 लाख टन है, जबकि मौजूदा खाद्यान्न का स्टॉक  275 लाख टन से ज्यादा है. ऐसे में धान खरीद शुरू होने से पहले ही भंडारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. पंजाब में मौजूदा खाद्यान्न स्टॉक में करीब 155 लाख टन पुराना चावल शामिल है. यह पिछले तीन सीजन का जमा स्टॉक है. इसके अलावा पिछले सीजन का करीब 10 लाख टन धान अभी राइस मिलों में मिलिंग का इंतजार कर रहा है. इससे करीब 6 लाख टन चावल तैयार होने का अनुमान है, जिससे मौजूदा स्टॉक और बढ़ जाएगा.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन सीजन के चावल में करीब 9 लाख टन 2023-24, 58 लाख टन 2024-25 और 83 लाख टन 2025-26 का है. इसके अलावा राज्य के गोदामों में करीब 116 लाख टन गेहूं भी रखा हुआ है. भंडारण की जगह कम पड़ने के कारण सरकारी एजेंसियों को राइस मिलों और मंडी यार्ड का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. अब धान खरीद का नया सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में नई फसल के भंडारण को लेकर दबाव और बढ़ने की आशंका है.

पंजाब में भंडारण की कमी के कारण पिछले साल खरीदे गए धान को मंडियों  से उठाने में देरी हुई थी. राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, इस बार स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है. इस सीजन पंजाब में धान की बंपर पैदावार की उम्मीद है. इसे देखते हुए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने राज्य से 180 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है. राज्य के गोदाम पहले से ही पिछले तीन खरीद सीजन के करीब 180 लाख मीट्रिक टन (LMT) चावल से भरे हुए हैं. इसके अलावा कवर और प्लिंथ (CAP) स्टोरेज की करीब 60 LMT क्षमता भी पूरी तरह भर चुकी है. ऐसे में नई फसल की खरीद शुरू होने पर उसके भंडारण और मंडियों से समय पर उठान को लेकर चुनौती बढ़ सकती है.

जानकारों का कहना है कि पंजाब में भंडारण संकट को और बढ़ने से रोकने के लिए खाद्यान्न उठाने की रफ्तार करीब दोगुनी करनी होगी. फिलहाल हर महीने करीब 20 लाख टन अनाज उठाने की जरूरत बताई गई है, ताकि मंडियों और गोदामों में पूरी तरह जगह खत्म होने की स्थिति न बने. इस संकट से बचने के लिए चावल उद्योग ने सरकार से 31 दिसंबर तक कम से कम 50 लाख टन अतिरिक्त भंडारण जगह खाली कराने की मांग की है. उद्योग का कहना है कि समय रहते स्टोरेज क्षमता बढ़ाना जरूरी है, ताकि धान खरीद और उसके बाद उठान का काम प्रभावित न हो.

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