एग्रीवेट: 29 सितंबर 2026, लखनऊ: यूपी में लघु किसानों को 6% ब्याज पर मिलेगा 6 लाख तक कृषि लोन, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते सप्ताह लघु और सीमांत किसानों के लिए नई “मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना” का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत किसानों को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि लोन मिलेगा।
खास बात यह है कि समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी, यानी असल ब्याज बोझ काफी कम हो जाएगा। योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में हुआ।
राज्य सरकार ने अगले 5 साल में इस योजना के ज़रिए करीब 5 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसके तहत 38 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
यह लोन किसान सिंचाई व्यवस्था लगाने, कृषि मशीनरी व उपकरण खरीदने, खेती से जुड़ी संपत्ति विकसित करने और उत्पादकता बढ़ाने वाले दूसरे कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं। योजना खासतौर पर उन छोटे किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिन्हें बैंकों से आसानी से बड़ा लोन नहीं मिल पाता।
इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा में जाकर या योजना के ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र, जमीन के रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) और प्रस्तावित कृषि कार्य की प्रोजेक्ट रिपोर्ट देनी होगी।
बैंक आवेदन मिलने के बाद किसान की जमीन के रिकॉर्ड, लोन की वास्तविक ज़रूरत और प्रस्तावित काम की जांच के बाद ही लोन मंज़ूर करेगा। जिन किसानों ने पहले भी सहकारी बैंकों से लोन लिया है, वे भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना सहकारी बैंकिंग ढांचे के ज़रिए छोटे किसानों तक संस्थागत कर्ज की पहुंच बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। गौर करने वाली बात यह है कि यह योजना अल्पकालीन फसल ऋण यानी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से अलग है। KCC के ज़रिए किसानों को हर सीजन की बुवाई के लिए छोटी अवधि का कर्ज मिलता है, जबकि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना दीर्घकालीन निवेश के लिए बनाई गई है, यानी इसका इस्तेमाल खेत पर स्थायी संपत्ति और संसाधन बनाने में हो सकेगा। राज्य सरकार का कहना है कि इससे छोटे किसान भी बड़े निवेश वाले काम कर पाएंगे, जिनके लिए अभी तक उन्हें निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दर वाले स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था।
आवेदन के समय जमीन के दस्तावेज़ों का सही और अद्यतन होना सबसे ज़रूरी शर्त है, क्योंकि खसरा-खतौनी में किसान का नाम, रकबा और भूमि उपयोग स्पष्ट रूप से दर्ज होने पर ही सहकारी बैंक आवेदन को आगे बढ़ा पाएगा। इसके अलावा प्रोजेक्ट रिपोर्ट में किसान को यह भी स्पष्ट करना होगा कि लोन की रकम किस काम में खर्च होगी।