महंगाई से राहत की तैयारी, सब्सिडी पर चावल, आटा और तेल बेचेगी सरकार.. जानें कितनी होगी कीमत – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: आंध्र प्रदेश सरकार रायतू बाजारों में विशेष काउंटर लगाकर सस्ता चावल और प्याज बेचेगी. कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने ऐलान करते हुए कहा है कि सुपर फाइन चावल 50 रुपये प्रति किलो और प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार की योजना के तहत चावल की KNM और BPT किस्में भी बेची जाएंगी. इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए चक्की वाला गेहूं का आटा 27 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा.

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार पाम ऑयल और अरहर दाल भी सब्सिडी वाले दाम पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. इसका मकसद आम लोगों को जरूरी खाद्य वस्तुएं कम कीमत पर उपलब्ध कराना है. राज्य सरकार ने इस रबी सीजन में 8.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन, मक्का और तिलहन की खेती कराने की योजना बनाई है. सरकार फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को बाजार और कीमत का भरोसा देने पर भी जोर दे रही है. योजना के तहत किसानों की उपज का एक तय हिस्सा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा. इससे किसानों को अपनी फसल के लिए तय कीमत मिलने में मदद मिलेगी.

आंध्र प्रदेश में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों, MSP पर खरीद और रबी सीजन की फसल योजना को लेकर मंत्रियों के समूह ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की. बैठक में कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू, नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर, वित्त मंत्री पय्यावुला केशव और स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव शामिल हुए. कृषि मंत्री अच्चन्नायडू ने कहा कि बैठक में तैयार प्रस्तावों को बाद में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के सामने रखा गया.

सरकार ने रबी सीजन में फसल विविधीकरण की योजना बनाई है. इसके तहत धान की खेती  वाले करीब 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को दूसरी फसलों में बदलने का लक्ष्य है. इसके अलावा खरीफ सीजन में खाली रहे 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में भी दलहन, मक्का और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती कराई जाएगी. वहीं, मिर्च की खेती का रकबा घटने से खाली हुए 1.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को भी वैकल्पिक फसलों के तहत लाने की योजना है. इस तरह कुल 8.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को वैकल्पिक फसलों की ओर ले जाने की योजना है. सरकार की व्यापक रबी योजना में 8.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन, मक्का और तिलहन की खेती का लक्ष्य बताया गया है.

आंध्र प्रदेश सरकार ने रबी सीजन में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग फसलों का लक्ष्य तय किया है. योजना के तहत चने की खेती 1.88 लाख हेक्टेयर, मक्का 1.51 लाख हेक्टेयर और उड़द 1.27 लाख हेक्टेयर में कराने का लक्ष्य है. बाकी क्षेत्र में सूरजमुखी, मूंग, मूंगफली, रबी ज्वार, अरहर, प्याज और ड्रिप सिंचाई वाली सब्जियों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके अलावा मोटे अनाज और हरी खाद वाली फसलों को भी योजना में शामिल किया गया है.

रबी फसल योजना के तहत सबसे ज्यादा 1.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्रकाशम जिले के लिए तय किया गया है. इसके बाद वाईएसआर कडप्पा और पलनाडु में 82-82 हजार हेक्टेयर और नेल्लोर में 78 हजार हेक्टेयर क्षेत्र रखा गया है. सरकार ने किसानों को MSP का भरोसा देने के लिए कुछ फसलों की पूरी उपज खरीदने का फैसला किया है. पहले से पंजीकरण कराने वाले किसानों से रागी, अरहर और उड़द  की 100 फीसदी उपज MSP पर खरीदी जाएगी. इसके अलावा किसान जितनी हरी खाद के बीज पैदा करेंगे, सरकार उनकी पूरी मात्रा भी खरीदेगी. मूंग, चना, मूंगफली और सूरजमुखी की कुल उपज का 30 फीसदी तक MSP पर खरीदने की योजना है.

राज्य सरकार केंद्र से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में ज्वार और रागी को शामिल करने की मांग करेगी. साथ ही इनकी MSP पर खरीद की अनुमति भी मांगी जाएगी. सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष के बफर स्टॉक से 1 लाख टन अरहर देने की मांग भी केंद्र के सामने रखेगी. इसका इस्तेमाल बाजार में अरहर की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए किया जा सकेगा.

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