एग्रीवेट: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्याज की कीमत एक बार फिर 70 रुपये किलो के पार पहुंच पहुंच गई है. इससे ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है. त्योहारी सीजन से पहले प्याज के दाम बढ़ने से सवाल उठ रहे हैं कि सरकार के बाजार हस्तक्षेप और बंगाल की सुखसागर किस्म की आवक के बावजूद कीमतों में कमी क्यों नहीं आ रही है. स्थानीय किराना दुकानों पर प्याज करीब 75 रुपये किलो बिक रहा है. बुधवार को बाजारों में अच्छी क्वालिटी का प्याज करीब 70 रुपये किलो मिला. हालांकि, प्याज की कीमत उसकी गुणवत्ता और इलाके के हिसाब से अलग-अलग है.
ऑनलाइन बाजार ट्रैकर्स के मुताबिक, कोलकाता में बड़े प्याज की खुदरा कीमत 65 से 69 रुपये किलो के बीच है, जबकि छोटी किस्मों के दाम इससे भी ज्यादा हैं. प्याज की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों से उतार-चढ़ाव जारी है. अगस्त के मध्य में प्याज करीब 30 रुपये किलो था, जो 31 अगस्त तक बढ़कर 70 रुपये किलो पहुंच गया था. इसके बाद कीमतों में कुछ स्थिरता के संकेत मिले थे.
हालांकि, कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बाजार में हस्तक्षेप बढ़ाया. कोलकाता के 50 केंद्रों पर 35 रुपये किलो की दर से सब्सिडी वाला प्याज भी उपलब्ध कराया गया. इसके बावजूद बाजार में प्याज की कीमत फिर बढ़ गई है. बंगाल की स्थानीय सुखसागर किस्म की प्याज भी बाजार में आ चुकी है. व्यापारियों को 40 किलो की एक बोरी करीब 2,200 रुपये में मिल रही है. इसके बावजूद खुदरा बाजार में प्याज की कीमत में बड़ी गिरावट नहीं आई है. व्यापारियों के मुताबिक, बाजार में प्याज के दाम पर महाराष्ट्र के नासिक और दूसरे राज्यों से आने वाली प्याज की कीमतों का भी असर पड़ रहा है.
कुछ खुदरा कारोबारियों का आरोप है कि त्योहारी सीजन में ज्यादा कीमत मिलने की उम्मीद में कुछ व्यापारी प्याज का स्टॉक रोक रहे हैं. हालांकि, प्याज की जमाखोरी के इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. इससे पहले भी व्यापारियों ने कहा था कि कुछ स्थानीय विक्रेता ज्यादा कीमत की उम्मीद में प्याज की सप्लाई तुरंत बाजार में नहीं ला रहे हैं. कोलकाता के कसबा इलाके के खुदरा विक्रेता नीलमणि साहा ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि प्याज खरीदने की लागत तेजी से बढ़ी है. उनके मुताबिक, अब 40 किलो प्याज की बोरी 2,300 से 2,500 रुपये में मिल रही है. करीब दो हफ्ते पहले यही बोरी 1,400 रुपये में खरीदी जा रही थी.
पोस्ता के थोक बाजार में भी प्याज की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला. एक थोक व्यापारी के मुताबिक, 18 अगस्त को प्याज का मॉडल थोक भाव करीब 3,250 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 26 अगस्त को बढ़कर 4,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. 17 सितंबर के उपलब्ध मंडी आंकड़ों के मुताबिक, पोस्ता में प्याज का मॉडल भाव अभी भी करीब 50-51 रुपये प्रति किलो बना हुआ था. परिवहन खर्च, खराब होने से होने वाला नुकसान और खुदरा विक्रेता का मार्जिन जोड़ने के बाद खुदरा कीमत में बड़ी गिरावट की गुंजाइश कम रह जाती है.