एग्रीवेट: तेलंगाना में खरीफ 2026-27 सीजन के लिए धान की सरकारी खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं. नागरिक आपूर्ति विभाग 1 अक्टूबर के से राज्यभर में 8,283 धान खरीद केंद्रों (PPCs) पर खरीद शुरू करेगा. इस सीजन में करीब 65 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान खरीदने का अनुमान है. विभाग ने धान खरीद और सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ‘SHT’ रणनीति तैयार की है. इसमें स्टोरेज, हमाली और ट्रांसपोर्ट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि धान की खरीद से लेकर भंडारण और परिवहन तक की व्यवस्था सुचारू रहे और गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने धान पर मिलने वाले बोनस के लिए किसानों के पास AgriStack Farmer ID होना अनिवार्य कर दिया है. यानी जिन किसानों के पास Farmer ID नहीं होगी, उन्हें बोनस का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है. सरकार ने 7 महीन धान की किस्मों को बोनस के लिए अधिसूचित किया है. इन किस्मों पर MSP के अलावा 500 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा. इनमें BPT 5204, RNR 15048, HMT Sona, Jai Sriram Segment, KNM 1638, WGL 44 और KNM 7715 धान की किस्में शामिल हैं.
इन 7 खास किस्मों की खेती करने वाले किसानों को धान खरीद केंद्रों पर उपज देने के बाद 500 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस सीधे उनके खाते में दिया जाएगा. बोनस पाने के लिए किसानों के पास वैध AgriStack Farmer ID होना जरूरी है. यह लाभ सरकार की तय गाइडलाइन के अनुसार दिया जाएगा. खास बात यह है कि प्रीमियम धान की किस्मों को बारिश और खराब मौसम से बचाने के लिए सभी 8,283 धान खरीद केंद्रों (PPCs) पर जरूरी उपकरण लगाए जा रहे हैं. केंद्रों पर सही नमी जांचने के लिए कैलिब्रेटेड मॉइस्चर मीटर, क्लीनर और ग्रेन ड्रायर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
सिविल सप्लाइज कमिश्नर एम. स्टीफन रवींद्र ने सभी जिलों के सिविल सप्लाइज अधिकारियों और जिला प्रबंधकों के साथ बैठक और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए तैयारियों की समीक्षा की. विभाग के मुताबिक, सभी 8,283 केंद्रों पर गन्नी बैग, तिरपाल और परिवहन वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है. जरूरत पड़ने पर तुरंत सामान और वाहन उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था भी तैयार रखी गई है.
सरकार ने धान के भंडारण के लिए सभी उपलब्ध जगहों का इस्तेमाल करने की तैयारी की है. इसमें बंद पड़ी मिलें, फंक्शन हॉल और आपातकालीन कवर एंड प्लिंथ (CAP) भंडारण शामिल हैं. इसका उद्देश्य सीजन के दौरान अचानक भंडारण की कमी की समस्या से बचना है. वहीं, धान की मिलिंग के दौरान निगरानी मजबूत करने के लिए विभाग ने Physical Verification (PV) मोबाइल ऐप शुरू किया है. मंडल और जिला स्तर के अधिकारियों को इस ऐप के जरिए राइस मिलों में हर सप्ताह अचानक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.
सिविल सप्लाइज कमिश्नर ने गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. विभाग के मुताबिक, अगर किसी राइस मिलर या PPC प्रभारी को फर्जी ट्रक शीट बनाने या रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करते पाया गया तो उसके खिलाफ बिना सामान्य चेतावनी दिए सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा.