एग्रीवेट: देश में जिस तरह से बेरोजगारी बढ़ रही है और रोजगार की कमी आ रही है. इसी को देखते हुए लोग होटल, रेस्टोरेंट जैसे बिजनेस की ओर बढ़ रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं. अगर आप भी किसी ऐसे बिजनेस की तलाश में है, तो गैस एजेंसी करोबार आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि हर रसोई में गैस की आवश्यकता होती है. ऐसे में इस करोबार की शुरुआत मुनाफा होने की संभावना बढ़ा देता है. आगे जानते हैं इसके पूरे खर्च के बारे में पूरी जानकारी.
कौन-सी कंपनियों की एजेंसी के लिए होता है सेलेक्शन?
अगर आप भी गैस ऐजेंसी खोलने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले यह जान लीजिए की भारत में किन तेल विपणन कंपनियों की गैस एजेंसी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए चयन किया जाता है, जिनमें मुख्य रुप से इन तीन प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां है-
इसके अलावा, कुछ प्राइवेट गैस कंपनियां जिनमें- Supergas, Reliance LPG जो अपने स्तर पर डीलरशिप या एजेंसी प्रदान करती हैं, लेकिन मुख्य रुप से देश में चयन इन तीन सरकारी कंपनियों के माध्यम से LPG Vitrak Chayan पोर्टल द्वारा विज्ञापनों के जरिए होता है.
गैस ऐजेंसी के लिए कौन कर सकता है अप्लाई?
आवेदनर्ता को भारतीय नागरिक होना जरुरी है तभी वह गैस ऐजेंसी खोल सकता है.
अगर शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो आवेदक को दसवीं पास होना बेहद ही जरुरी है.
इस बिजनेस की शुरुआत करने से पहले इस शर्त को अच्छे से जाने लें कि आवेदनर्ता के परिवार में पहले से किसी सरकारी तेल कंपनी की डीलरशिप नहीं होनी चाहिए.
अगर आप गैस ऐजेंसी खोलने की सोच रहे हैं तो आपके पास खुद की जमीन होना बेहद ही जरुरी है. अगर जमीन आवेदनर्ता के नाम पर नहीं है, तो ऐसे में इस बिजनेस की शुरुआत पंद्रह साल के लीज पर ली गई जमीन भी कर सकते हैं बिना किसी परेशानी. अगर इस बिजनेस के खर्च की बात करें तो करीबन पंद्रह से बीस लाख रुपये तक का खर्च होना लाजमी है.
अगर आप इस बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो आपको अपडेट रहना बेहद जरुरी होगी, क्योंकि नई गैस एजेंसी के लिए विज्ञापन अखबारों में और LPG Vitrak Chayan नाम के सरकारी पोर्टल पर जारी किए जाते हैं. इसके माध्यम से आप इस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आवेदक का चयन लकी ड्रॉ के आधार पर किया जाता है.