RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! – एग्रीवेट

atulpradhan
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RFOI Second Runner-Up Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम अपनी 21 एकड़ जमीन को आधुनिक एग्री-इकोसिस्टम में बदलकर 18.62 करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित करते हैं. फसलों और पशुपालन के संतुलित मॉडल से मिली इस सफलता के लिए उन्हें कृषि जागरण द्वारा आयोजित तीन दिवसीय MFOI Awards 2025 में 9 दिसंबर को RFOI-Second Runner-Up Award से सम्मानित किया गया.

केरल के कोट्टायम जिले के मारंगट्टुपिली गांव के रहने वाले मैथ्यूकुट्टी टॉम ने अपने TJT Farms को एक ऐसा “एग्री-इकोसिस्टम” बना दिया है, जो फसलों से लेकर पशुपालन तक, हर क्षेत्र में असाधारण सफलता का उदाहरण है. इन्हीं कारणों से उन्हें कृषि जागरण द्वारा आयोजित MFOI Awards 2025 में RFOI – Second Runner-Up Award से सम्मानित किया गया.

यह सम्मान भारत सरकार के पूर्व सांसद और पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी द्वारा प्रदान किया गया, जबकि मंच पर कृषि जागरण के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ एम.सी. डोमिनिक और मैनेजिंग डायरेक्टर शाइनी डोमिनिक की गरिमामयी उपस्थिति रही. ऐसे में आइए मैथ्यूकुट्टी टॉम की प्रेरणादायक सफलता की कहानी जानते हैं-

मैथ्यूकुट्टी टॉम का बचपन साधारण था, लेकिन सपने असाधारण. वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां खेती और पशुपालन जीवन का हिस्सा था. बचपन में खेतों में काम करने से उन्हें जमीन की भाषा समझने का मौका मिला- कहां कौन-सी फसल उगानी है, कब क्या बोना है और प्रकृति को कैसे पढ़ना है. यह अनुभव आगे चलकर उन्हें एक बड़े कृषि-उद्यमी के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव बन गया.

मैथ्यूकुट्टी टॉम की असली पहचान उनके उच्च-पैमाने वाले पशुपालन मॉडल से है. उनका फार्म देश के चुनिंदा बड़े पशुपालन केंद्रों में शामिल है जहां- ब्रॉयलर चिकन, बकरियां, बफेलो, डक, लेयर हेन, जापानी क्वेल, मत्स्य पालन और विशेष रूप से विशाल पिग फार्मिंग एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और उच्च उत्पादन आधारित प्रणाली में संचालित होते हैं.

पिग फार्मिंग अकेले 16.80 करोड़ रुपये की कमाई देती है, जो देश में दुर्लभ है और मैथ्यूकुट्टी की व्यावसायिक क्षमता का प्रमाण भी. सभी पशुपालन इकाइयों को जोड़कर कुल आय 17.70 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है.

मैथ्यूकुट्टी टॉम का सिद्धांत बेहद सरल, लेकिन प्रभावी है- “एक्टिव इकोसिस्टम बनाओ, जहां खेत पशुओं को पोषित करें और पशु खेतों को.” उनके फार्म में-

आज मैथ्यूकुट्टी टॉम उन भारतीय किसानों की अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं, जो खेती को “उद्योग” के रूप में स्थापित कर रहे हैं. उनकी कुल संयुक्त आय 18.62 करोड़ रुपये यह दिखाती है कि-

किसान को करोड़ों की आय दिला सकती है. उनकी कहानी देशभर के किसानों को यह संदेश देती है कि खेती में कमाई की कोई सीमा नहीं, बस दृष्टि और योजना की जरूरत है.

जब देशभर के 300 कैटेगरी में सफल किसानों को सम्मानित किया जा रहा था, तब मैथ्यूकुट्टी टॉम की उपलब्धियों ने पूरे मंच को आकर्षित किया. उनकी बहु-आयामी फार्मिंग, उच्च उत्पादन, आधुनिक पशुपालन और आर्थिक स्थिरता ने उन्हें RFOI – Second Runner-Up Award दिलाया, जो उनकी मेहनत का बड़ा प्रमाण है.

मैथ्यूकुट्टी टॉम-एक किसान, एक लीडर, एक विज़नरी

उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एक मॉडल है जो भारत की नई कृषि दिशा को दर्शाती है. वे बताते हैं- “किसान अगर सोच बदल ले और खेती को उद्योग की तरह चलाए, तो उसके सपनों की कोई सीमा नहीं रहती.” मैथ्यूकुट्टी टॉम आज लाखों किसानों के लिए प्रेरणा हैं- और यह कहानी उनके संघर्ष, उनकी यात्रा और उनकी जीत को सलाम करती है.

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