Tractor Subsidy Scheme: ट्रैक्टर खरीदने का मौका! सरकार दे रही 80% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: अगर आप ट्रैक्टर या खेती से जुड़े आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बिहार सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना (SMAM) आपके लिए उपयोगी हो सकती है. इस योजना के तहत किसानों को कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद पर 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और मशीनरी उपलब्ध कराकर खेती को आसान, तेज और कम लागत वाला बनाना है.

बिहार सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है. इच्छुक और पात्र किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने से पहले किसानों को अपना पंजीकरण कराना जरूरी है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कुछ आवश्यक पात्रता और दस्तावेजों की जरूरत होगी.

कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत कुल 86 प्रकार के कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है. इनमें खेती की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल होने वाले कृषि उपकरण शामिल हैं. किसानों को उनकी श्रेणी और निर्धारित नियमों के अनुसार कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान दिया जाएगा.

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसान का बिहार कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है. किसान की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. इसके अलावा किसान का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी है.

कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए आवेदन करने से पहले किसान को किसान पंजीकरण कराना होगा.

वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध ‘किसान पंजीकरण’ विकल्प पर क्लिक करें.

इसके बाद उपलब्ध विकल्पों में से अपनी सुविधानुसार विकल्प का चयन करें और मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें.

पंजीकरण पूरा होने के बाद किसान को अपनी Registration ID प्राप्त होगी. इसी पंजीकरण संख्या का उपयोग आगे कृषि यंत्र पर अनुदान के लिए आवेदन करते समय किया जा सकता है.

किसान पंजीकरण पूरा होने के बाद कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए आवेदन करना होगा.

पोर्टल पर अपनी आवश्यकता और किसान श्रेणी के अनुसार संबंधित विकल्प का चयन करें.

अपनी Registration ID का इस्तेमाल करके लॉगिन करें.

आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन जमा करें.

आवेदन करते समय किसान को अपनी जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी चाहिए और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी सही तरीके से उपलब्ध करानी चाहिए.

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा.

यंत्र खरीदने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसान को मिलने वाली सब्सिडी की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी.

कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत केवल व्यक्तिगत कृषि यंत्रों की खरीद ही नहीं, बल्कि कृषि मशीनरी से जुड़ी कुछ अन्य गतिविधियों के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान बताया गया है.

किसान ड्रोन केंद्र की स्थापना के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है. इसके अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए 4 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है.

आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

किसानों को आवेदन करने से पहले अपना आधार, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और किसान पंजीकरण से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखनी चाहिए. आवेदन करते समय किसी भी जानकारी को गलत दर्ज करने से बचें.

साथ ही, कृषि यंत्र खरीदने से पहले योजना के तहत निर्धारित पात्रता, अनुदान राशि, यंत्रों की सूची और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जरूर जांच लें.

कृषि यंत्रीकरण किसानों को खेती में आधुनिक मशीनों को अपनाने का अवसर देता है. ट्रैक्टर से लेकर विभिन्न कृषि उपकरणों तक, अनुदान मिलने से किसानों के लिए मशीनरी खरीदने का खर्च कम हो सकता है. इच्छुक किसान समय सीमा का ध्यान रखते हुए अपना पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन पूरा कर सकते हैं.

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