बाढ़ से एक लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित, केंद्र से 250 करोड़ की मदद मांग सकती है बिहार सरकार—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

atulpradhan
6 Min Read

एग्रीवेट: बिहार में बाढ़ से फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है. फसल नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम राज्य के कई जिलों का दौरा कर चुकी है. टीम ने बाढ़ से फसलों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के कृषि विभाग ने शुरुआती आकलन तैयार किया है. इसके अनुसार 18 जिलों के कम से कम 102 प्रखंडों में करीब एक लाख हेक्टेयर में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है. नुकसान का विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है. वहीं, बिहार सरकार बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के लिए केंद्र से करीब 200 से 250 करोड़ रुपये की सहायता मांग सकती है. यह राशि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के नियमों के तहत किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देने के लिए मांगी जाएगी.

बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों से जल्द ही कृषि विभाग के पोर्टल पर फसल नुकसान के लिए आवेदन करने को कहा जाएगा. आवेदन के आधार पर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. एक अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को कहा कि अगले कुछ दिनों में फसल नुकसान का आकलन तेजी से किया जाएगा. पानी का स्तर और कम होने के बाद बाढ़ प्रभावित अंदरूनी इलाकों तक अधिकारियों की पहुंच आसान होगी. इसके बाद अधिकारी खेतों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेंगे.

33 फीसदी फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा

उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद रिपोर्ट कृषि विभाग को सौंपी जाएगी. इसके आधार पर किसानों को राहत देने और केंद्र से सहायता लेने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के नियमों के तहत बाढ़ या अन्य आपदा से कम से कम 33 फीसदी फसल नुकसान होने पर किसान मुआवजे के दायरे में आते हैं. अधिकारियों के मुताबिक, खेत की श्रेणी के आधार पर किसानों को करीब 8,500 रुपये से 22,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा मिल सकता है.

102 प्रखंडों में एक लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान

एक अधिकारी ने कहा कि शुरुआती आकलन के अनुसार बिहार के 18 जिलों के 102 प्रखंडों में करीब एक लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ है. इसमें सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है. हालांकि, अलग-अलग इलाकों से अभी फसल नुकसान की रिपोर्ट लगातार मिल रही है. अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार फसल नुकसान की रिपोर्ट दुर्गा पूजा से पहले केंद्र सरकार को भेज सकती है. दुर्गा पूजा इस साल अक्टूबर के मध्य से शुरू होगी. उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों से फसल नुकसान के मुआवजे के लिए जल्द ही कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन मांगे जाएंगे. आवेदन मिलने के बाद सरकार नुकसान से प्रभावित किसानों की अनुमानित संख्या तय करेगी और इसी आधार पर राहत की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

बिहार में बाढ़ से फसल और बुनियादी ढांचे को नुकसान

बिहार में बाढ़ से हुए फसल और बुनियादी ढांचे के नुकसान का जायजा  लेने के लिए केंद्रीय अधिकारियों की टीम ने 16 सितंबर को राज्य का दौरा किया. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. केंद्र ने राज्य को राहत और बचाव कार्यों के लिए हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है. गंगा, गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ने और ऊपरी इलाकों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. पटना, भोजपुर, वैशाली, भागलपुर, सहरसा समेत कई जिलों के निचले इलाकों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

Share This Article
1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *