एग्रीवेट: 18 सितंबर 2026, इंदौर: झाबुआ, रतलाम, नीमच और श्योपुरकलां जिलों में भारी वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के ग्वालियर , चंबल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर; भोपाल, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर; उज्जैन , रीवा, जबलपुर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर; इंदौर, नर्मदा पुरम संभागों के जिलों में कहीं -कहीं वर्षा दर्ज़ की गई।
1 जून से 18 सितंबर तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -3 % कम वर्षा हुई है। पूर्वी मप्र में औसत से -3 % कम वर्षा हुई है , जबकि पश्चिमी मप्र में औसत से -11 % कम वर्षा हुई है। भारी वर्षा के तहत सबलगढ़ में सर्वाधिक 106.0 तथा ओरछा में 67.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
वर्षा के प्रमुख आंकड़े – विजयपुर 52.0, बलदेवगढ़ 51.0, ईसागढ़ 40.0, देवरी- सागर 39.0, आरोन 36.0, आमला 35.0, विदिशा 26.0, नरवर 25.0, लटेरी 23.8, लालबरा 23.3, पुष्पराजगढ़ 22.0, खातेगांव 22.0, मकसूदनगढ़ 22.0, चितरंगी 21.2, बरहाई 21.0, पलेरा 21.0, सौसर 20.0, गुना 19.8, जयसिंह नगर 19.0, मझौली 18.4, आलीराजपुर 18.2, बहोरीबंद 18.2, आष्टा 18.0, शिवपुरी 18.0, बमोरी 17.4, पोहरी 17.0, शाहनगर 16.4, डबरा 16.3, अमरकंटक 16.0, भितरवार 16.0, पाटन 15.4, कुसमी 15.1, कुक्षी 15.0, चाचौड़ा 15.0, बीरपुर 15.0, मंडला 14.4, नबीबाग 14.0, चौराई 14.0, मुरैना 14.0, श्यामपुर 14.0, चिनोर 13.2, केसली 13.2, ग्वालियर 13.1, जावर 13.0, जतारा 13.0, हनुमना 12.0, सिरोंज 12.0, घाटीगांव 11.4, मिहोना 11.0, टीकमगढ़ 11.0, भोपाल 10.6, लहार 10.5, कुरवाई 10.4, सिंहा वल 10.2, मेहगांव 10.0, डही 10.0, कैलाश 10.0, नीमच 10.0, पिछोर 10.0, बड़ौदा 9.2, चंदेरी 9.0, गोहद 9.0, रौन 9.0, शुजालपुर 9.0, मऊ 8.0, झिरन्या 8.0, मल्हारगढ़ 8.0, सिमरिया 8.0, खुरई 8.0, बीना 8.0, छपारा 8.0, श्योपुर 8.0, पनागर 7.6, खैरलांजी 7.4, कोतमा 7.0, भैंसदेही 7.0, सेंवढ़ा 7.0, कुंभराज 7.0, नसरुल्ला गंज 7.0, खरगापुर 7.0, बड़नगर 7.0, कोलारस 6.9, भिंड 6.0, तमिया 6.0, सोनकच्छ 6.0, पोरसा 6.0, जावद 6.0, बड़ागांव धसान 6.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
मौसमी परिस्थितियां – 19 सितंबर, 2026 के आसपास पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण -पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगी है । ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण -पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास का अब उत्तर गुजरात और उसके आसपास स्थित है। मानसून ट्रफ अब अव्यवस्थित हो गई है।
ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी थाईलैंड के ऊपर उसी क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर उभरने की संभावना है और इसके प्रभाव से 19 सितंबर 2026 की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया ) बनने की संभावना है।
इसके बाद, इसके धीरे-धीरे तीव्र होने और अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम -उत्तर -पश्चिम की ओर दक्षिण ओडिशा- उत्तर आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ , जम्मू और उसके आसपास मध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में अब कम हो गया है। हालांकि, मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में ट्रफ बना हुआ है।
पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने झाबुआ, रतलाम, नीमच और श्योपुरकलां जिलों में कहीं -कहीं झंझावात / वज्रपात और झोंकेदार हवाओं ( 30 – 40 किमी / घंटा ) के साथ भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि भोपाल, विदिशा , रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन , देवास, शाजापुर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर , दतिया , भिंड , मुरैना, सिंगरौली , सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया , कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना , दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी , मैहर और पांढुर्ना जिलों में कुछ स्थानों पर तथा राजगढ़, आ लीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, श्यो पुरकलां, अनुपपुर, डिंडोरी , सिवनी , मंडला और बालाघाट जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा होगी या गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
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