महाराष्ट्र के 18 जिले सूखे की चपेट में, फसल नुकसान की भरपाई 5 अक्टूबर से सर्वे के बाद होगी – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: Maharashtra Farmers News: मॉनसूनी बारिश कम होने से महाराष्ट्र के 18 जिलों में सूखे की स्थिति बनी हुई है. इससे इन जिलों के किसानों की सोयाबीन समेत अन्य फसलें सूख रही हैं. किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को राहत देते हुए कहा है कि किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी. उन्होंने 5 अक्तूबर से फसल नुकसान सर्वे शुरू कराने के निर्देश दिए हैं. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा समेत अन्य क्षेत्रों में आने वाले लातूर, परभणी समेत 18 जिलों के किसान कम बारिश से खराब हो रही फसल से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करने की मांग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर में बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराएगी और राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) से सहायता मिलने का इंतजार किए बिना किसानों को अपने संसाधनों से वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कम बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ है और किसान परेशान हैं. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पहले बताया था कि राज्य के 18 जिलों में कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है और करीब आधे किसान इससे प्रभावित हैं. इन जिलों में लातूर, परभणी समेत अन्य जिले शामिल हैं. कई किसानों ने सोयाबीन समेत अन्य खरीफ फसलों के नुकसान की सूचना कृषि विभाग को दी है. सीएम फडणवीस ने कहा कि धाराशिव जिले में 80 दिनों तक बारिश नहीं हुई, जिससे फसल नुकसान 80 से 85 फीसदी तक होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि बारिश की कमी से फूल आने और फलियां बनने के महत्वपूर्ण चरणों में नमी की कमी हुई, जिससे अनाज के विकास और भराव पर असर पड़ा. ऐसे में उत्पादन घटने के साथ ही उपज की क्वालिटी में भारी गिरावट की आशंका बढ़ गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अपने खेतों में सूखे पौधों को मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कृषि विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी जिलों के कृषि अधिकारी फसल नुकसान का आकलन शुरू करें और 5 अक्टूबर के बाद गांव-गांव जाकर सर्वे रिपोर्ट बनाकर शासन को सौंपें, ताकि नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को राहत राशि दी जा सके.

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