सोयाबीन-कपास और दलहन फसलें सूखीं, पूर्व कृषि मंत्री बोले- किसानों को 50 हजार मुआवजा दे सरकार – एग्रीवेट

atulpradhan
7 Min Read

एग्रीवेट: Maharashtra Farmers News: महाराष्ट्र में कम बारिश से सूखे के हालातों ने फसलों को चौपट कर दिया है. अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और एनसीपी पवार पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कहा कि सोयाबीन, कपास और दलहन फसलें सूख गई हैं. पीड़ित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वह कम बारिश का सामना करने वाले तालुकाओं में सूखा घोषित करें और प्रभावित किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दें. शरद पवार ने बुधवार को मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में दावा किया कि राज्य के 36 में से 31 जिलों में कम बारिश के कारण सोयाबीन, कपास और दाल जैसी खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, साथ ही बुआई का रकबा भी काफी कम हो गया है और पेयजल व चारे की भारी किल्लत पैदा हो गई है. पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि इस साल राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश न होने के कारण किसान समुदाय एक बड़े संकट में फंस गया है. सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द सभी खड़ी फसलें बारिश की कमी के कारण सूख गई हैं, और साथ ही कीटों और बीमारियों का प्रकोप भी काफी बढ़ गया है. ये सभी मामले बेहद गंभीर हैं, और इसके परिणामस्वरूप खेती, पीने के पानी और पशुओं के चारे की स्थिति और भी मुश्किल होने की आशंका है. कम बारिश की वजह से पैदा हुई गंभीर स्थिति को देखते हुए, महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री माननीय देवेंद्र फडणवीस का ध्यान आकर्षित किया गया है और तत्काल सुधारात्मक उपायों की मांग की गई है. शरद पवार में चिट्ठी में कहा कि राज्य में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए औपचारिक मानदंडों का इंतजार किए बिना तुरंत महाराष्ट्र को सूखा घोषित किया जाए. गंभीर स्थिति का सामना कर रहे तालुकाओं को तुरंत सूखा-प्रभावित घोषित किया जाना चाहिए और सूखा राहत उपाय लागू किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर कम से कम 50,000 रुपये की सहायता की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जानी चाहिए. इसके अलावा, खेतिहर मजदूर परिवारों को 25,000 रुपये की विशेष सहायता दी जानी चाहिए. आर्थिक संकट में फंसे किसानों को राहत देने के लिए, ऋण माफी योजना तुरंत लागू की जानी चाहिए और फसल ऋण तुरंत उपलब्ध कराए जाने चाहिए. नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन सब्सिडी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जानी चाहिए. साथ ही, जिन किसानों ने 2025-26 में फसल ऋण लिया था और इस साल डिफ़ॉल्ट हो गए हैं, उन्हें भी ऋण माफी योजना में शामिल किया जाना चाहिए. एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पिछली तारीख से लागू किया जाना चाहिए और किसानों के लाभ के लिए पहले छोड़े गए सभी ट्रिगर्स को पिछली तारीख से लागू किया जाना चाहिए ताकि किसानों को फसल बीमा सुरक्षा मिल सके. इसके अलावा पिछले साल बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के लिए घोषित 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की फसल बीमा सहायता भी तुरंत वितरित की जानी चाहिए. राज्यसभा सांसद शरद पवार ने सूखा स्थितियों को लेकर सीएम को भेजी चिट्ठी. सूखे जैसी स्थिति वाले तालुकाओं में, कृषि-संबंधी, जल संरक्षण-संबंधी और अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए रोजगार गारंटी योजनाओं के माध्यम से विशेष योजनाएं लागू की जानी चाहिए. फलों के बागों को बचाने के लिए टैंकरों का इंतजाम भी शुरू किया जाना चाहिए. पीने के पानी की कमी का सामना कर रहे गांवों का तुरंत सर्वे किया जाना चाहिए और जरूरत के हिसाब से सरकारी टैंकर शुरू किए जाने चाहिए. साथ ही इन सभी इलाकों में मांग के अनुसार तुरंत चारा वितरण कैंप शुरू किए जाने चाहिए. पशुओं के लिए पीने का पानी और जरूरी पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. सूखे के दौरान बिजली कटौती की समस्या बढ़ने के कारण, बिजली ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का काम समय पर पूरा करने के लिए ऊर्जा विभाग के जरिए एक विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए. हर जिले में रोजाना बारिश, फसल की स्थिति, पानी की कमी, चारे की उपलब्धता और पशुओं की स्थिति पर नजर रखने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाने चाहिए. सूखा प्रभावित घोषित तालुकों में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में, सूखा राहत उपायों के तहत, पढ़ाई कर रहे छात्रों की पूरी शिक्षा फीस तुरंत माफ की जानी चाहिए.

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *