एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश के किसान अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी फसल को प्रोसेस करके कारोबार भी खड़ा कर रहे हैं। Gramayan के इस खास एपिसोड में मिलिए बागपत के ब्रह्मेश आर्य और चेतन गोयल से, जिन्होंने योगी सरकार की मदद से फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है.
ब्रह्मेश आर्य ने सरसों की खेती के साथ तेल निकालने की यूनिट शुरू की। उन्होंने बताया कि मशीनरी और सोलर पैनल लगाने के लिए उन्हें ₹18 लाख का लोन मिला और 35% अनुदान का लाभ भी मिला। उनकी यूनिट से आसपास के किसानों को भी फायदा हो रहा है.
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वहीं, चेतन गोयल ने योगी सरकार की मदद से फ्लोर मिल लगाकर अपनी कमाई बढ़ाई है। उनकी यूनिट में रवा, सूजी, मैदा और आटे के कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस कारोबार के जरिए वे स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.
इस एपिसोड में जानिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए कैसे सहायता मिल सकती है। अगर आप भी अपना छोटा फूड प्रोसेसिंग उद्योग शुरू करना चाहते हैं या पहले से चल रहे कारोबार को अपग्रेड करना चाहते हैं, तो इस एपिसोड में PMFME योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों और अनुदान से जुड़ी जानकारी जानिए.
देखिए Gramayan का यह एपिसोड और जानिए कैसे खेत की फसल से तैयार उत्पाद बनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं.