गुजरात के 4 जिले सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को 8500 रुपये देने का ऐलान.. पशुओं के लिए 80 रुपये मिलेंगे – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: कम बारिश के चलते गुजरात के 4 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य में 86 फीसद कम बारिश दर्ज की गई है. लेकिन, 4 जिलों में इससे भी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है. इससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है और कुछ जगहों पर खेतों में फसलें सूख गई हैं. ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर राशि राहत के रूप उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं, पशुओं को चारा का स्टॉक कर लिया गया है और किसानों को 2 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर दिया जा रहा है. वहीं, शिविरों में रखे गए पशुओं की देखभाल के लिए प्रति पशु प्रति दिन 80 रुपये सरकार देगी. उन्होंने वीबीजीरामजी योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को 150 दिनों तक रोजगार देने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूखा समीक्षा बैठक के बाद सोमवार को देवभूमि द्वारका, कच्छ, जामनगर और पोरबंदर जिलों को सूखा प्रभावित घोषित किया. उन्होंने कहा कि राज्य से मॉनसून के चले जाने के बाद केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार इन जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि इस मॉनसून में राज्य में 89 फीसदी बारिश हुई. हालांकि, देवभूमि द्वारका, कच्छ, जामनगर और पोरबंदर (जिलों) में बहुत कम बारिश हुई है.

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि भारत सरकार के ‘सूखा आकलन मैनुअल, 2016’ (Drought Assessment Manual, 2016) के अनुसार जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने और एक उच्च-स्तरीय बैठक करने के बाद राज्य सरकार ने चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का फैसला किया है. इन चारों जिलों में कम बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के साथ खड़े होने का एक बड़ा और उदार फैसला लिया है.

इन जिलों के सभी तालुकों में फसल के नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने SDRF के नियमों के अनुसार प्रभावित फसलों के लिए सहायता देने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य सरकार 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता देगी, जो अधिकतम दो हेक्टेयर तक सीमित होगी. इसके अलावा, VB-G RAM G योजना के तहत 150 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया गया है. ये फैसले 1 नवंबर, 2026 से लागू होंगे.

सूखा प्रभावित जिलों में राहत कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि किसानों के पशुओं को भरपूर चारा मिल सके इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1.21 करोड़ किलोग्राम चारा 2 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बांटा गया है. फिलहाल, राज्य सरकार के पास 3 करोड़ किलोग्राम पशु चारा का स्टॉक उपलब्ध है, और अतिरिक्त चारे के लिए भी पहले से इंतजाम कर लिए गए हैं.

सूखा प्रभावित घोषित तालुकाओं में पशु शिविरों में रखे गए जानवरों के लिए SDRF के तहत दो महीने तक प्रति जानवर 80 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी. इसके बाद भी, अगर कोई पशु वहां रहता है, तो राज्य सरकार इस सहायता का खर्च उठाएगी. सूखा प्रभावित घोषित तालुकाओं में ग्रामीण निवासियों को रोजगार मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने VB-G RAM G योजना के तहत 150 दिनों का रोजगार देने का भी फैसला किया है.

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