एग्रीवेट: 22 अक्टूबर 2026, भोपाल: आधुनिक तकनीक से आसान हुई गन्ने की खेती: किसान ने ₹70 हजार की सब्सिडी से खरीदा कटर प्लांटर, समय और लागत की बचत – मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील के ग्राम सीवल निवासी किसान विशाल कोल्हे ने आधुनिक कृषि यंत्र की मदद से गन्ने की खेती को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बनाया है। आधुनिक कृषि यंत्र खेती के काम को आसान बनाने के साथ किसानों के समय और श्रम की बचत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शासन की कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों का लाभ मिल रहा है।
किसान विशाल कोल्हे को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से शुगरकेन कटर प्लांटर खरीदने के लिए अनुदान मिला। इस कृषि यंत्र की कीमत 1 लाख 40 हजार रुपये है। इस पर उन्हें 50 प्रतिशत यानी 70 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इससे उन्हें आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने में आर्थिक सहायता मिली।
किसान विशाल कोल्हे के मुताबिक, पहले गन्ने की खेती के विभिन्न कार्यों के लिए अधिक संख्या में मजदूरों की जरूरत पड़ती थी। इससे समय और श्रम के साथ खेती की लागत भी बढ़ जाती थी। लेकिन शुगरकेन कटर प्लांटर का उपयोग शुरू करने के बाद कृषि कार्यों में मजदूरों पर निर्भरता काफी कम हुई है। इस कृषि यंत्र में दवा के छिड़काव के लिए टैंक और उर्वरक डालने के लिए अलग टैंक की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे खेती के विभिन्न कार्यों को अधिक सुविधाजनक तरीके से किया जा सकता है। यंत्र के उपयोग से किसान को समय और श्रम बचाने के साथ खेती के काम में सहूलियत मिल रही है।
शुगरकेन कटर प्लांटर के उपयोग से किसान विशाल को गन्ने की खेती में बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं। सीजन शुरू होने के शुरुआती 10 दिनों में ही उन्हें 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इसी तरह काम जारी रहने पर एक सीजन में एक लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित किया जा सकता है। आधुनिक कृषि यंत्र के इस्तेमाल से गन्ने की खेती के काम आसान हुए हैं। साथ ही मजदूरों पर निर्भरता कम होने से समय और श्रम की बचत का लाभ भी मिल रहा है।
किसान विशाल कोल्हे ने आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने के लिए अनुदान मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की ऐसी योजनाएं किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं और खेती के काम को सुविधाजनक बनाने में मदद करती हैं।