एग्रीवेट: 16 अक्टूबर 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): पांढुर्ना: जनहितकारी मांगों को लेकर किसानों ने ज्ञापन सौंपा – जिले में सूखे की स्थिति , किसानों की समस्याओं , ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट , वन्य जीवों के बढ़ते खतरे ,भूली जलाशय के किसानों को उचित मुआवजा जैसी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ को सौंपा। ज्ञापन देते समय पांढुर्ना विधायक श्री निलेश उइके सहित आसपास के कई गांवों के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सौंपे गए ज्ञापन में पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने ,सभी किसानों को दो लाख तक आर्थिक सहायता देने एवं सम्पूर्ण ऋण राशि से मुक्ति देने ,फसल बीमा का समयबद्ध भुगतान करने , खाद वितरण की ई- टोकन व्यवस्था बंद कर पुरानी सरल व्यवस्था लागू करने , किसानों के बच्चों की शैक्षणिक फीस माफ़ करने ,किसानों के पशुधन हेतु पर्यापत चारा ,पानी एवं पशु शिविरों की व्यवस्था करने ,ग्रामी पेयजल संकट की पूर्व तैयारी करने , जंगली जानवरों से ग्रामीणों एवं किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने , भूली जलाशय प्रभावित किसानों को समान एवं न्यायसंगत मुआवजा देने तथा कृषि को लाभकारी बनाने हेतु दीर्घकालीन उपाय करने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया। ज्ञापन लेते हुए कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने किसानों से कहा कि इस ज्ञापन को आज ही मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल भेज रहे हैं । वहां से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे उससे आपको अवगत कराऊंगा।
ज्ञापन देने से पूर्व पांढुर्ना विधायक श्री निलेश उइके ने भी अपने सम्बोधन में किसानों की मांगों का समर्थन किया। किसानों का कहना था कि महाराष्ट्र में सूखा घोषित हो चुका है, लेकिन महाराष्ट्र्र के करीबी पांढुर्ना जिले में अभी तक सूखा घोषित नहीं किया है , जबकि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। इस अवसर पर सर्वश्री महेंद्र कोरडे ,राहुल पठाड़े ,किसान डोंगरे ,राजेश भांडे ,भीमराव देशमुख ,रुपेश कसलीकर, नीरज दुबे ,मंसाराम खोड़े , उमेश खोड़े, राहुल बेलखड़े , विनय डिगरसे ,संदीप खोड़े , हरनाम सिंह सेंगर ,प्रीतम खोड़े , रोशन कलम्बे सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित थे।