एग्रीवेट: हरियाणा में खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के दौरान धान की सरकारी खरीद लगातार जारी है. राज्य में 15 अक्टूबर तक सरकारी एजेंसियां 15.52 लाख टन धान खरीद चुकी हैं, जबकि किसानों को 1,221 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. प्रदेश की मंडियों में अब तक 21.27 लाख टन धान पहुंचा है. धान खरीद की प्रगति और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा के लिए हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक की.
भारत सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए हरियाणा में 58 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है. राज्य में अब तक इस लक्ष्य का करीब 27 फीसदी हासिल किया जा चुका है. मंडियों में पहुंच चुके धान में से 15.52 लाख टन की खरीद हुई है, जबकि 7.69 लाख टन खरीदे गए धान का उठान भी किया जा चुका है. खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने और मंडियों में लगातार पहुंच रही फसल के प्रबंधन पर समीक्षा बैठक में विशेष जोर दिया गया.
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसमें जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, परिवहनकर्ताओं और राइस मिलर्स के बीच तालमेल को महत्वपूर्ण बताया गया. अधिकारियों को खरीद केंद्रों पर किसानों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने, खरीदे गए धान का समय पर उठान कराने और तौल व नमी की जांच में पारदर्शिता बनाए रखने से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई.
बैठक में किसानों को समय पर भुगतान, गेट पास जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और खरीद से जुड़े दस्तावेजों के निपटारे में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई. सरकार का जोर तकनीक के इस्तेमाल से खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाने पर है. इसके तहत मंडियों में धान की आवक से लेकर खरीद और उठान तक की प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार ने बैठक में बताया कि नए ऑनलाइन राइस मिल पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से 1,433 राइस मिलों का पंजीकरण किया जा चुका है. इनमें से 1,215 मिलों का जियो-फेंसिंग आधारित भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है. इसके अलावा, सरकार राइस मिलों की बिजली खपत और बिजली बिलों की भी निगरानी कर रही है, ताकि मिलिंग प्रक्रिया पर प्रभावी नजर रखी जा सके.
धान खरीद व्यवस्था में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जा रहा है. 15 अक्टूबर तक इस प्रक्रिया के तहत 1,52,136 किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है. सरकार डिजिटल माध्यमों के जरिए किसानों की पहचान और खरीद संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम कर रही है.
हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हुई थी और यह 15 नवंबर तक जारी रहेगी. इसके लिए राज्यभर में 249 मंडियां निर्धारित की गई हैं. खरीद सीजन के दौरान मंडियों में फसल की आवक, खरीद, उठान और किसानों को भुगतान की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो. (पीटीआई)