एग्रीवेट: 30 अक्टूबर 2026, अमरावती: संतरा उत्पादकों का फूटा गुस्सा, तहसील कार्यालय में संतरे फेंक कर किया प्रदर्शन – महाराष्ट्र के अमरावती जिले के प्रमुख संतरा उत्पादक क्षेत्र मोर्शी तहसील में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया। क्रांतिकारी किसान संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसानों ने तहसील कार्यालय परिसर में संतरे फेंककर सरकार का ध्यान संतरा उत्पादकों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। किसानों ने संतरा बागों को बचाने के लिए विशेष योजना लागू करने, खेती के लिए 24 घंटे बिजली और पानी की स्वतंत्र व्यवस्था करने तथा ओलावृष्टि से हुए नुकसान की लंबित सहायता राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की।
विदर्भ के प्रमुख संतरा उत्पादक क्षेत्रों में शामिल मोर्शी में संतरे की खेती हजारों किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों का कहना है कि संतरा बागों की देखभाल और उत्पादन बनाए रखने के लिए पर्याप्त सिंचाई और निर्बाध बिजली आपूर्ति जरूरी है। इन सुविधाओं के अभाव में बागों को नुकसान होने और किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
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आंदोलनकारी किसानों ने सरकार से संतरा उत्पादकों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए विशेष योजना लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि संतरा बागों को बचाने और उत्पादन को बनाए रखने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। किसानों ने खेती के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के साथ पानी की स्वतंत्र व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
किसानों के अनुसार, संतरा उत्पादन में सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। समय पर पानी और बिजली नहीं मिलने से बागों की देखभाल प्रभावित होती है। ऐसे में संतरा उत्पादकों को राहत देने के लिए सरकार को दीर्घकालीन योजना तैयार करनी चाहिए, जिससे खेती की लागत और उत्पादन संबंधी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सके।ओलावृष्टि की बकाया सहायता राशि जल्द देने की मांग प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पिछली ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए घोषित सहायता राशि का बकाया भुगतान शीघ्र करने की मांग भी उठाई। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों और संतरा बागों को नुकसान पहुंचने से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में सहायता राशि मिलने में देरी होने से खेती की अगली तैयारी और बागों की देखभाल करना मुश्किल हो जाता है।
किसानों ने सरकार से मांग की कि लंबित सहायता राशि का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिल सके। उन्होंने संतरा उत्पादकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर बिजली, पानी और मुआवजे से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
मोर्शी तहसील कार्यालय पर किया गया यह प्रदर्शन संतरा उत्पादकों की समस्याओं और उनकी लंबित मांगों को सामने लाने का माध्यम बना। किसानों ने स्पष्ट किया कि संतरा बागों की सुरक्षा, पर्याप्त कृषि सुविधाओं और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।