एग्रीवेट: Agarwood Export: असम के किसानों और अगरवुड का कारोबार करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. अब राज्य में तैयार होने वाले खास खुशबूदार अगरवुड और उससे बने तेल को विदेश भेजना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है. केंद्र सरकार ने गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अगरवुड की लकड़ी के टुकड़े और उसके तेल के निर्यात को मंजूरी दे दी है. इससे असम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों के कारोबारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने गुवाहाटी एयरपोर्ट को अगरवुड के निर्यात का रास्ता बनाया है. सरकार के इस फैसले से किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अपना सामान विदेश भेजने में सुविधा मिलेगी.
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विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, गुवाहाटी एयरपोर्ट से अगरवुड ऑयल, अगरवुड चिप्स और इससे जुड़े दूसरे उत्पादों का निर्यात किया जा सकेगा. हालांकि, इसके लिए सरकार की ओर से तय सभी नियमों और जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा. अब तक कारोबारियों को निर्यात के लिए दूसरे रास्तों पर निर्भर रहना पड़ सकता था. लेकिन गुवाहाटी एयरपोर्ट को यह मंजूरी मिलने से सामान को विदेश भेजने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है. इससे समय और माल ढुलाई से जुड़ी परेशानियां भी कम हो सकती हैं.
अगरवुड एक खास तरह की खुशबूदार लकड़ी है. यह एशिया के कुछ सदाबहार पेड़ों के अंदर बनती है. जब पेड़ को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है या उसमें संक्रमण होता है, तो वह खुद को बचाने के लिए एक गाढ़ा और गहरे रंग का रेजिन तैयार करता है. धीरे-धीरे यही रेजिन लकड़ी को खास खुशबू देता है. इसी वजह से अगरवुड की कीमत काफी ज्यादा होती है.
अगरवुड के छोटे-छोटे टुकड़ों यानी चिप्स को जलाकर खुशबू के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, इससे निकाले गए तेल की मांग महंगे परफ्यूम, कॉस्मेटिक सामान और पारंपरिक दवाओं में रहती है. अपनी खास खुशबू और सीमित उपलब्धता के कारण दुनिया के कई देशों में इसकी अच्छी मांग है.
अगरवुड का सबसे बड़ा बाजार मध्य पूर्व के देशों को माना जाता है. इसके अलावा ताइवान, हांगकांग, चीन, सिंगापुर, मलेशिया और यूरोप के कई बाजारों में भी इसकी मांग है. ऐसे में गुवाहाटी एयरपोर्ट से निर्यात की सुविधा मिलने पर असम के उत्पादकों को इन बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है.
असम को भारत की ‘अगरवुड राजधानी’ भी कहा जाता है. यहां अगरवुड का उत्पादन और इससे जुड़े कारोबार से कई लोग जुड़े हुए हैं. ऐसे में निर्यात का नया रास्ता खुलने से किसानों, लकड़ी तैयार करने वालों, तेल निकालने वाले कारोबारियों और निर्यातकों को फायदा मिलने की उम्मीद है. सरकार के इस फैसले से पूर्वोत्तर के कारोबारियों को अपने उत्पाद विदेश भेजने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी. साथ ही, अगरवुड की खेती और इससे जुड़े छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है.