एग्रीवेट: 12 अक्टूबर 2026, मुंबई: महिंद्रा ने मैक्ससीडर जीरो-टिलेज सीडिंग मशीन का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया – महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने कनाडा की कंपनी क्लीन सीड टेक्नोलॉजीज से लाइसेंस प्राप्त मैक्ससीडर (MAXSEEDER) जीरो-टिलेज मल्टी-क्रॉप सीडिंग मशीन का व्यावसायिक उत्पादन और आपूर्ति शुरू कर दी है। यह मशीन धान, गेहूं, सोयाबीन, मक्का और कपास सहित कई फसलों की बुवाई के लिए डिजाइन की गई है।
मैक्ससीडर की जीरो-टिलेज तकनीक से धान के फसल अवशेषों के बीच सीधे बुवाई की जा सकती है, जिससे पराली जलाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिल सकती है। कंपनी के अनुसार, यह मशीन बीज और उर्वरकों की बर्बादी कम करने के साथ-साथ पानी की बचत और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने में भी सहायक हो सकती है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के अध्यक्ष वीजय नाकरा ने कहा, “महिंद्रा को क्लीन सीड के साथ साझेदारी कर दुनिया भर के किसानों के लिए टिकाऊ कृषि मशीनीकरण समाधान उपलब्ध कराने पर गर्व है। मैक्ससीडर की पेटेंट तकनीक और महिंद्रा की विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमताओं का संयोजन किसानों और पर्यावरण, दोनों के लिए लाभकारी होगा। यह सहयोग भारत और वैश्विक बाजारों में आधुनिक कृषि मशीनरी की उपलब्धता बढ़ाने तथा वैश्विक मंच पर भारतीय विनिर्माण उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
क्लीन सीड कैपिटल ग्रुप के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ग्राहम लेम्पियर ने कहा, “महिंद्रा के संयंत्र में हमारी SMART Seeder MINI-मैक्स™ मशीन का उत्पादन शुरू होना गर्व का क्षण है। यह टिकाऊ बुवाई एवं रोपण समाधान विकसित करने के हमारे वर्षों के नवाचार और सहयोग का परिणाम है। मैं महिंद्रा की विनिर्माण क्षमता और व्यापक परिचालन से प्रभावित हूं तथा इस परियोजना के प्रति उसकी टीम की प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं।”
मैक्ससीडर का निर्माण मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित महिंद्रा के फार्म मशीनरी संयंत्र में किया जा रहा है। इसकी बिक्री की शुरुआत पंजाब और हरियाणा में महिंद्रा के डीलरशिप नेटवर्क के माध्यम से होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे देश के अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध कराया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में किए गए फील्ड ट्रायल में मशीन ने धान के भारी फसल अवशेषों के बीच कम मिट्टी की छेड़छाड़ के साथ बुवाई करने की क्षमता प्रदर्शित की।
35 हॉर्सपावर (HP) या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टरों के साथ इस्तेमाल की जा सकने वाली इस मशीन में समायोज्य कतार दूरी, विभिन्न बुवाई विन्यास और बीज एवं उर्वरकों के सटीक उपयोग के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) दी गई है। जीरो-टिलेज तकनीक के कारण खेत की पारंपरिक तैयारी की आवश्यकता कम हो सकती है, जिससे किसानों को समय, ईंधन और श्रम की बचत करने में मदद मिल सकती है।
महिंद्रा और क्लीन सीड टेक्नोलॉजीज का यह सहयोग आधुनिक कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने और खेती में संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग के उद्देश्य से किया गया है।