मध्य प्रदेश में माइक्रो इरिगेशन विस्तार को गति देने उद्योग एकजुट, इस बड़े खुलासे से मचा हड़कंप – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: 19 सितंबर 2026, इंदौर: मध्य प्रदेश में माइक्रो इरिगेशन विस्तार को गति देने उद्योग एकजुट – मध्य प्रदेश के उद्यानिकी विभाग में पंजीकृत माइक्रो इरिगेशन कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक इरिगेशन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAI), मध्य प्रदेश चैप्टर, इंदौर द्वारा आयोजित की गई। बैठक में IAI मध्य प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष श्री ओमनाथ वर्मा, पूर्व अध्यक्ष द्वय श्री नरेन्द्र धन्द्रे एवं श्री अरुण कुमार, उपाध्यक्ष श्री रत्नेश कौरव, सचिव श्री अमोल मानकर तथा संयुक्त सचिव श्री प्रदीप पाध्ये सहित 54 कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में माइक्रो इरिगेशन योजनाओं, विभागीय कार्यप्रणाली, क्रियान्वयन की व्यावहारिक समस्याओं तथा किसानों को योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी लाभ दिलाने पर चर्चा हुई। गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और विभाग एवं उद्योग के बीच बेहतर समन्वय के मुद्दे भी प्रमुखता से उठे।

श्री नरेन्द्र धन्द्रे ने कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन की संभावना है। प्रदेश में लगभग 22 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्रेशराइज्ड इरिगेशन विकसित किया जा रहा है, जबकि वर्तमान में प्रतिवर्ष करीब 30 से 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ही माइक्रो इरिगेशन के अंतर्गत लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माइक्रो इरिगेशन के विस्तार की गति कई गुना बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रेशराइज्ड इरिगेशन के साथ ड्रिप, स्प्रिंकलर एवं मिनी स्प्रिंकलर प्रणालियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

श्री ओमनाथ वर्मा ने कहा कि माइक्रो इरिगेशन के विस्तार की गति बढ़ाने के लिए वार्षिक लक्ष्य बढ़ाने के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने प्रतिवर्ष 2.5 से 3 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित करने का सुझाव दिया। किसानों में माइक्रो इरिगेशन के प्रति रुचि बढ़ाने, जल संरक्षण एवं कृषि उत्पादकता को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान देने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों में केंद्र एवं राज्य स्तर के अनुदान को मिलाकर माइक्रो इरिगेशन के लिए 80 से 90 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध है, जबकि मध्य प्रदेश में वर्तमान में मुख्य रूप से 45 एवं 55 प्रतिशत अनुदान लागू है। उन्होंने राज्य टॉप-अप को बढ़ाकर 25 से 30 प्रतिशत करने की आवश्यकता बताई।

श्री अरुण कुमार ने उद्योग से जुड़े सदस्यों से एकजुट होकर कार्य करने तथा किसानों तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया। श्री रत्नेश कौरव ने उद्योग एवं विभाग के बीच बेहतर समन्वय और संवाद को आवश्यक बताया। श्री अमोल मानकर एवं श्री प्रदीप पाध्ये ने भी बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भारत सरकार की निर्धारित गाइडलाइन एवं BOQ के अनुरूप किसानों को निर्धारित मात्रा में सामग्री उपलब्ध कराने तथा गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का पालन करने पर सहमति व्यक्त की। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, उचित भौतिक सत्यापन और गुणवत्तापूर्ण सामग्री सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कोर ग्रुप को मजबूत करते हुए श्री सुनील अवधवाल एवं श्री अर्पित गुप्ता को नए सदस्यों के रूप में शामिल किया गया। बैठक में श्री राज कुमार जैन, श्री धर्मेंद्र यादव, श्री कमलेश सिंह, श्री चंद्रशेखर पटेल एवं श्री सुधांशु वर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में शामिल 54 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने किसानों के हित में मिलकर कार्य करने, गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने तथा मध्य प्रदेश में ड्रिप, स्प्रिंकलर एवं मिनी स्प्रिंकलर प्रणालियों के विस्तार को गति देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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