एग्रीवेट: Aaj Ka Mausam: देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है. कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, तो कहीं पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंड बढ़ने के आसार हैं. मौसम से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर को उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-बारिश की संभावना जताई जा रही है. इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने का खतरा भी हो सकता है.
दूसरी तरफ, बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके असर से पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका है. ऐसे में किसानों और आम लोगों को बदलते मौसम पर नजर रखने की जरूरत है.
उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके असर से 28 और 29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है. इस दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है. कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. अगर बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होता है, तो तापमान में गिरावट आ सकती है. इससे सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास बढ़ सकता है.
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदलने के आसार हैं. पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, मंडी, सिरमौर, शिमला और लाहौल-स्पीति जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. इसके अलावा उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी बारिश और हल्की बर्फबारी का अनुमान है. बर्फबारी के बाद पहाड़ी इलाकों में तापमान गिर सकता है. ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए.
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है. अनुमान है कि, यह 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके बाद यह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ सकता है. हालांकि, तूफान किस जगह तट से टकराएगा और इसकी ताकत कितनी होगी, इसकी अभी पक्की जानकारी नहीं है.
ओडिशा के तटीय इलाकों में 26 अक्टूबर के आसपास तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका जताई गई है. समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है.
संभावित चक्रवाती तूफान के असर से पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है. हालांकि, सभी राज्यों में एक जैसी बारिश होगी, यह जरूरी नहीं है. तूफान की दिशा और ताकत के हिसाब से अलग-अलग इलाकों में मौसम बदल सकता है. खासकर समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मॉनसून के सक्रिय रहने से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है. तमिलनाडु के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका है. वहीं, केरल के तटीय इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है. आंध्र प्रदेश में भी आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना है. ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.