एग्रीवेट: मध्य प्रदेश के किसानों को औषधीय पौधे अश्वगंधा की खेती के लिए मुफ्त बीज और ट्रेनिंग दी जा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में कृषि विकास की गति तेजी से बढ़ रही है. दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही 9 नई दुग्ध समितियों का पंजीयन कराया गया है. उन्होंने कहा कि किसानों से खरीफ फसलों की खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और किसानों को एमएसपी का भाव दिया जाएगा. सीएम ने कहा कि किसानों को वित्तीय संकट का सामना न करने पड़े, इसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह में किसानों से संवाद किया और कहा कि जिले ने बीते कुछ वर्षों में खेती-किसानी में एक अलग ही पहचान बना ली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है. अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है. खेत से लेकर बाजार तक और खाद से लेकर किसानों के खातों तक हम पक्की और स्थायी व्यवस्थाएं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान और ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन मंगलवार 15 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है. यह काम 10 अक्टूबर तक चलेगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में लगभग 6 लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती हो रही है. इसमें से 86 फीसदी कृषि क्षेत्र सिंचित है. दमोह का चना देशभर में प्रसिद्ध है. खाद्य प्रसंस्करण तथा एग्रो प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी इस जिले में नई-नई संभावनाएं आकार ले रही हैं. किसान गेहूं, चना और धान के साथ ही हाई-वैल्यू क्रॉप की ओर भी बढ़ रहे हैं. दमोह जिले में अश्वगंधा की खेती के प्रोत्साहन के लिए 100 से अधिक किसानों को निःशुल्क बीज एवं कृषि प्रशिक्षण दिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी 7 विकासखंडों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने प्रदेश के किसानों की सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के ऑनलाईन पोर्टल शुरू किया है. किसान भाई अब एक क्लिक में अपना क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं.