एग्रीवेट: 07 अक्टूबर 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ में खाद-बीज की गुणवत्ता जांच तेज, 650 नमूनों के परीक्षण का लक्ष्य – छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग की प्रयोगशालाओं के माध्यम से खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की गुणवत्ता जांच का काम नियमित रूप से किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम में कुल 650 नमूनों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 340 नमूने प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 265 नमूनों के परीक्षण परिणाम जारी किए जा चुके हैं, जबकि 75 नमूनों की जांच प्रक्रिया जारी है।
रायपुर स्थित जैव एवं जैविक उर्वरक प्रयोगशाला में आवश्यक रसायन, यंत्र और उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रयोगशाला में कुल 13 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 7 पद भरे हुए हैं। तकनीकी कार्यों के लिए एक सहायक संचालक कृषि और एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।
सीड लॉ एनफोर्समेंट प्रयोगशाला में उपकरणों की स्थापना का काम पूरा हो चुका है। यहां 2 प्रशिक्षित कर्मचारी बीजों के विश्लेषण का काम कर रहे हैं। प्रतिवर्ष करीब 7 हजार बीज नमूनों के परीक्षण को देखते हुए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हाइब्रिड सीड टेस्टिंग को मजबूत करने के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
कीटनाशी और बायोपेस्टिसाइड गुण नियंत्रण प्रयोगशालाओं के लिए आवश्यक यंत्र और उपकरण, एचपीसीएल सहित, खरीदे जा चुके हैं और सुरक्षित रखे गए हैं। कीटनाशी प्रयोगशाला में 12 स्वीकृत पदों में से 2 पदों पर पदस्थापना है। वहीं, बायोपेस्टिसाइड प्रयोगशाला के सुचारू संचालन और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रायगढ़ स्थित उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला का भवन तैयार हो चुका है और आवश्यक उपकरण भी खरीदे जा चुके हैं। प्रयोगशाला में कुल 12 स्वीकृत पदों में से 10 पद रिक्त हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। विभाग जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर प्रयोगशाला में विश्लेषण कार्य शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है।