राज्य पोषित “नवीन फसल प्रदर्शन योजनाओं” के क्रियान्वयन हेतु संशोधित दिशा-निर्देश
छत्तीसगढ़ शासन, कृषि विभाग द्वारा राज्य पोषित “नवीन फसल प्रदर्शन योजनाओं” के क्रियान्वयन हेतु पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए अद्यतन मार्गदर्शिका जारी की गई है। यह संशोधन राज्य की कृषि परिस्थितियों, उत्पादकता वृद्धि, फसल विविधीकरण तथा यंत्रीकरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
पृष्ठभूमि
कृषि विभाग द्वारा पूर्व में विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही थीं, जिनमें प्रमुखतः:
- श्री (SRI) विधि से धान की उत्पादकता वृद्धि योजना
- धान आधारित फसल प्रणाली पर खरीफ/रबी फसल प्रदर्शन कार्यक्रम
- ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं मक्का फसल प्रोत्साहन योजना
- पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपाई पर अनुदान योजना
उपरोक्त योजनाओं के क्रियान्वयन में एकरूपता लाने तथा “नवीन फसल प्रदर्शन” के अंतर्गत समेकित रूप से संचालन हेतु दिशा-निर्देश संशोधित किए गए हैं।
संशोधन का उद्देश्य
- धान की उत्पादकता में वृद्धि
- फसल विविधीकरण को बढ़ावा
- दलहन एवं तिलहन क्षेत्र विस्तार
- कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन
- राज्य पोषित प्रदर्शन कार्यक्रमों का समेकित संचालन
प्रमुख संशोधन बिंदु
1. योजनाओं का समेकन
पूर्व में पृथक रूप से संचालित योजनाओं को “नवीन फसल प्रदर्शन” के अंतर्गत समाहित किया गया है।
2. प्रदर्शन आधारित क्रियान्वयन
- योजनाएँ प्रदर्शन (डेमो) मॉडल पर संचालित होंगी।
- चयनित क्षेत्र में उन्नत तकनीकों का प्रयोग कर परिणाम आधारित मूल्यांकन किया जाएगा।
3. व्यय प्रावधान
संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि व्यय निम्नलिखित मांग शीर्षों के अंतर्गत वहन किया जाएगा:
- मांग संख्या 13 – कृषि कार्य, विस्तार एवं किसानों का प्रशिक्षण
- मांग संख्या 41 – अनुसूचित जनजाति उपयोजना
- मांग संख्या 64 – अनुसूचित जाति उपयोजना
इन शीर्षों के अंतर्गत “फसल प्रदर्शन” तथा “आर्थिक सहायता (प्रत्यक्ष सहायता)” मद सम्मिलित हैं।
योजनाओं की सूची (संशोधन में समाहित)
संशोधित आदेश (13 जुलाई 2015) के अनुसार निम्न योजनाएँ नवीन फसल प्रदर्शन के अंतर्गत सम्मिलित की गईं:
- श्री (SRI) विधि से धान उत्पादकता वृद्धि
- धान आधारित फसल प्रणाली प्रदर्शन कार्यक्रम
- ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का प्रोत्साहन योजना
- पैडी ट्रांसप्लांटर से धान रोपाई अनुदान योजना
इन योजनाओं के पूर्व में जारी दिशा-निर्देश यथावत रहेंगे, परंतु उनका क्रियान्वयन नवीन समेकित ढाँचे के अंतर्गत किया जाएगा।
प्रशासनिक प्रावधान
- जिला स्तर पर उप संचालक कृषि द्वारा निगरानी।
- राज्य स्तर पर कृषि विभाग द्वारा समन्वय।
- संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही करने के निर्देश।
वित्तीय स्वीकृति
योजना संशोधन छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग की स्वीकृति के आधार पर जारी किया गया है।
निष्कर्ष
राज्य पोषित नवीन फसल प्रदर्शन योजनाओं के संशोधित दिशा-निर्देश राज्य में कृषि सुधारों को अधिक संरचित, परिणामोन्मुख एवं समन्वित रूप देने का प्रयास हैं। इससे धान उत्पादकता वृद्धि, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण एवं कृषि यंत्रीकरण को एकीकृत रूप में बढ़ावा मिलेगा।
यह संशोधन कृषि विकास की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप राज्य की प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करता है।
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