एग्रीवेट: आदिवासियों के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना का पैसा विभागीय अधिकारी डकार गए हैं. मामला महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले का है. महाराष्ट्र सरकार की योजना में 16.37 लाख रुपये गबन का मामला सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई है. मामले में लिप्त पाए गए एक लिपिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जबकि, गबन में कई अन्य के लिप्त होने की बात कही जा रही है.
महाराष्ट्र सरकार आदिवासियों के विकास और उत्थान के लिए एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प (ITDP) योजना चला रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदायों (अनुसूचित जनजातियों) का सर्वांगीण विकास करना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना है. इसके तहत स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़क, मकान, पेयजल आदि की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने पर पैसा खर्च किया जाता है. नांदेड़ में इस योजना के पैसे के गबन के मामले ने तूल पकड़ लिया है.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार नांदेड़ पुलिस ने जारी बयान में कहा कि महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय में 16.37 करोड़ रुपये के सरकारी धन के कथित गबन का पर्दाफाश किया गया है. इस मामले में एक लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जांच में सामने आया कि किनवट स्थित एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प (आईटीडीपी) कार्यालय से 280 सरकारी चेक के जरिए कथित तौर पर सार्वजनिक धन निजी व्यक्तियों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया.
पुलिस अधिकारी के अनुसार यह अनियमितता एक अप्रैल 2024 से 16 सितंबर 2026 के बीच हुई और इस दौरान आरोपी ने चेक रजिस्टर और बैंक खातों का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए परियोजना अधिकारियों के जाली हस्ताक्षरों के जरिए धनराशि हस्तांतरित की. पुलिस ने बताया कि सरकारी खातों और चेक लेनदेन में विसंगतियों के बाद परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी बी. सरवनन ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद सरकारी धन के गबन का पता चला.
किनवट पुलिस ने सोमवार को परियोजना कार्यालय के एक वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ मामला दर्ज किया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई है और आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं, विपक्ष ने आदिवासियों के लिए लाई गई योजना में गबन के मामले पर सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है.