एग्रीवेट: छत्तीसगढ़ में खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो गई है. कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 22 सितंबर तक 48.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है, जो टारगेट का 99 फीसदी है. किसानों ने सबसे ज्यादा मोटे अनाज की फसलें जैसे कोदो, कुटकी आदि की बुवाई की है. इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलों की बुवाई भी खूब की गई है. हालांकि, इस बार किसानों ने केसीसी के जरिए 20 फीसदी ज्यादा कर्ज लिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि विभाग को निर्देशित किया है कि किसानों को खाद की कमी नहीं होनी चाहिए.
छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विभाग ने खरीफ फसलों के बुवाई आंकड़े जारी किए हैं. विभाग ने कहा है कि टारगेट का 99 फीसदी बुवाई क्षेत्रफल पूरा हो गया है. हालांकि, अल नीनो की वजह से कम बारिश से सूखे की बनती स्थितियां किसानों के लिए मुसीबत बन सकती हैं. सूखा प्रभावित इलाकों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. जबकि, मुख्यमंत्री ने खाद और कीटनाशक की उपलब्धता भी बढ़ाने को कहा है. उन्होंने सूखा प्रभावित इलाकों में उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए हैं.
विभाग ने कहा कि किसानों को अब तक 13 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक दिया जा चुका है. इस सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया था, जबकि सहकारी और निजी क्षेत्रों में 17.64 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है. इसके अलावा लगभग 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं. जबकि, 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण के लक्ष्य के मुकाबले 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया और अब तक 4.58 लाख क्विंटल बीज किसानों को मिल चुका है.
किसानों को खेती के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए अल्पकालीन कृषि लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है. 21 सितंबर तक चालू खरीफ सीजन में किसानों को 8,125.51 करोड़ रुपये का कृषि लोन दिया जा चुका है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 6,740.75 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था. यानी किसानों को इस साल पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 20.55 फीसदी ज्यादा कृषि लोन दिया गया है. वहीं, इस साल किसानों को कुल 8,800 करोड़ रुपये का कृषि लोन देने का लक्ष्य रखा गया है.