एग्रीवेट: 19 सितंबर 2026, राजगढ़: राजगढ़: बायोगैस ने घटाया महेंद्र का ईंधन खर्च, स्लरी के इस्तेमाल से खेती की लागत भी घटी – मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के विकासखंड ग्राम बेलास निवासी महेंद्र ने बायोगैस योजना का लाभ लेकर घरेलू ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के साथ खेती की लागत भी कम की है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने परिसर में बायोगैस संयंत्र स्थापित कराया है, जिसका नियमित रूप से संचालन कर रहे हैं।
महेंद्र बायोगैस संयंत्र से प्रतिदिन औसतन 8 घंटे भोजन पकाने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। इससे एलपीजी सिलेंडर और लकड़ी पर उनकी निर्भरता खत्म हुई है। साथ ही, ईंधन पर होने वाले खर्च में भी बचत हो रही है।
बायोगैस संयंत्र से निकलने वाली जैविक स्लरी का उपयोग महेंद्र नियमित रूप से अपनी फसलों में जैविक खाद के रूप में कर रहे हैं। इससे महंगे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हुई और खेती की लागत में कमी आई है। जैविक स्लरी के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरता में सुधार के साथ फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में भी वृद्धि हुई है।महेंद्र का अनुभव बताता है कि बायोगैस संयंत्र घरेलू ईंधन की जरूरत पूरी करने के साथ खेती को कम लागत और पर्यावरण अनुकूल बनाने में भी मददगार है। एक ही संयंत्र से उन्हें स्वच्छ ऊर्जा, ईंधन की बचत और जैविक खाद का लाभ मिल रहा है।