मधुमक्खी पालन का सुनहरा मौका! 3.20 लाख की यूनिट पर सरकार दे रही 1.28 लाख रुपये सब्सिडी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: Beekeeping Subsidy: खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने की चाह रखने वाले किसानों के लिए मधुमक्खी पालन एक बेहतर विकल्प बन सकता है. उत्तर प्रदेश में बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को मौन पालन यूनिट स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. योजना के तहत 3.20 लाख रुपये की यूनिट लागत पर 1.28 लाख रुपये की सहायता राशि किसानों के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था है. उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के अनुसार, मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन के जरिए किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए योजना के तहत किसानों को लाभ देने की तैयारी की जा रही है. इस योजना में आठ-आठ फ्रेम वाले 50 बॉक्स की मौन पालन यूनिट स्थापित की जाएगी. यूनिट की कुल लागत 3.20 लाख रुपये निर्धारित है, जिस पर लाभार्थी को 40 प्रतिशत यानी 1.28 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा. यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसान के बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाएगी. मधुमक्खी पालन से किसानों को नियमित रूप से अतिरिक्त आमदनी हासिल हो सकती है. योजना से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, एक बॉक्स से एक महीने में करीब पांच किलो शुद्ध शहद प्राप्त हो सकता है. इस हिसाब से एक यूनिट से लगभग ढाई क्विंटल तक शहद उत्पादन संभव है. यदि शहद का औसत बाजार भाव 300 रुपये प्रति किलो भी माना जाए, तो किसान करीब 75 हजार रुपये तक का शहद बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकता है. मधुमक्खी पालन यूनिट स्थापित करने के लिए बड़े खेत या अलग जमीन की अनिवार्यता नहीं है. किसान पेड़-पौधों वाले स्थानों के अलावा घरों और मकानों के आसपास भी उपयुक्त जगह पर यूनिट स्थापित कर सकते हैं. मधुमक्खियां फूलों से रस एकत्र कर शहद तैयार करती हैं, जिससे किसान खेती के साथ-साथ एक अतिरिक्त व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. जिले के लिए फिलहाल दो मौन पालन यूनिट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पात्र किसानों को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा. इच्छुक किसान समय रहते आवेदन कर सकते हैं. विभाग का उद्देश्य मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का साधन उपलब्ध कराना है.

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