एग्रीवेट: कई सप्ताह से लगातार प्याज के दाम में उछाल देखा गया है, जो अब नीचे आने की बात कही जा रही है. केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग ने कहा है कि प्याज के थोक दाम में 9 दिनों के दौरान 9 फीसदी गिरावट आई है. हालांकि, अभी खुदरा कीमतों में अभी कमी आने की उम्मीद जताई गई है, जो दोगुने से ऊपर चल रही हैं. वहीं, लगातार कांदा एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में प्याज की सप्लाई बढ़ाई गई है. ऐसे में रसोई के महंगे बजट का सामना कर रहे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है. उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बुधवार को मीडिया से कहा कि पिछले नौ दिन में थोक बाजारों में प्याज के दाम नौ फीसदी घटे हैं और आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है. हालांकि, मासिक और सालाना आधार पर कीमतें अभी भी ऊपर ही हैं. 15 सितंबर को प्याज का थोक भाव 4565.49 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है जो बीते महीने 2894.54 रुपये की तुलना में 57 फीसदी अधिक है. जबकि, एक साल पहले प्याज का भाव 2169.71 रुपये प्रति क्विंटल था. इस हिसाब से 110 फीसदी कीमतें ज्यादा हैं. पूरे देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत मंगलवार को 53.92 रुपये प्रति किलोग्राम रही. यह एक महीने पहले की कीमत की तुलना में 48 फीसदी और एक साल पहले की तुलना में 94 फीसदी अधिक है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्याज की महंगाई दर अगस्त में 48.27 फीसदी बढ़ गई है, जो जुलाई में 22.54 फीसदी थी. कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री शुरू की थी. भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) और केंद्रीय भंडार के खुदरा बिक्री केंद्रों के साथ-साथ मोबाइल वैन के जरिये प्याज की बिक्री की जा रही है. खरे ने उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई के कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्याज की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है. जब से हमने यह सुनिश्चित करने के लिए खुदरा हस्तक्षेप शुरू किया है कि उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज मिले, हम देश के करीब 48 शहरों तक पहुंच चुके हैं. सरकार ने पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मौसमी कीमतों में बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए हाइब्रिड परिवहन व्यवस्था के तहत प्याज बफर स्टॉक को चरणबद्ध तरीके से जारी करना शुरू किया है. इसके तहत रेलवे रैक (कांदा एक्सप्रेस) और सड़क परिवहन दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकार ने चालू वर्ष के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा है. प्याज का उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 307.37 लाख टन रहा, जबकि इससे पिछले वर्ष यह 307.67 लाख टन था.