आज 76 साल के हुए प्रधानमंत्री मोदी.. जानें उनकी 5 योजनाएं, जिनसे बदली करोड़ों लोगों की जिंदगी – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: प्रधानमंत्री Modi 76th Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मनाएंगे. इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) देशभर में इसे सेवा दिवस के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है. अलग-अलग जगहों पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी पर खास जोर रहेगा. भाजपा ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं. भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया जाएगा. अभियान के तहत रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और जनहित से जुड़े कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. लेकिन आज हम जानेंगे कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कौन-कौन सी योजनाएं शुरू की हैं. पिछले 13 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने वित्तीय मदद, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अलग-अलग वर्गों तक सीधे सरकारी लाभ पहुंचाना है. किसान इंडिया ने 2014 के बाद नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से शुरू की गई ऐसी 5 प्रमुख योजनाओं पर एक नजर डाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (प्रधानमंत्री-JAY) यानी आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा देना है. इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है. योजना का लक्ष्य 10.74 करोड़ से ज्यादा गरीब और वंचित परिवारों को लाभ पहुंचाना है. इसके लाभार्थियों में देश की आर्थिक रूप से कमजोर करीब 40 फीसदी आबादी शामिल है. आयुष्मान भारत योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है, जबकि योजना को लागू करने की लागत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करती हैं. इस योजना में अस्पताल में भर्ती होने का कैशलेस इलाज मिलता है. इसके अलावा, भर्ती होने से पहले 3 दिन और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 15 दिन तक के खर्च भी योजना में शामिल हैं. इसमें जांच और दवाओं का खर्च भी कवर किया जाता है. पीएम-जेएवाई के तहत करीब 1,393 तरह की इलाज प्रक्रियाएं शामिल हैं. खास बात यह है कि पहले से मौजूद बीमारियों का इलाज भी योजना के तहत पहले दिन से ही कवर किया जाता है. केंद्र सरकार ने 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की थी. इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था. इस योजना के तहत कनेक्शन लेने के लिए लाभार्थियों को गैस वितरक के पास कोई जमा राशि नहीं देनी होती है. योजना के तहत अब तक करोड़ों महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन मिल चुके हैं. इससे महिलाओं को लकड़ी और उपले जैसे ईंधन वाले धुएं से राहत मिलने का दावा किया गया है. सरकार के मुताबिक, उज्ज्वला योजना से करीब 10 करोड़ 51 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है. योजना शुरू होने के समय सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की 5 करोड़ महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा था. अप्रैल 2018 में योजना का दायरा बढ़ाया गया. इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और वनवासी परिवारों समेत सात और श्रेणियों की महिलाओं को शामिल किया गया. इसके बाद एलपीजी कनेक्शन का लक्ष्य बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया. सरकार के मुताबिक, यह लक्ष्य अगस्त 2019 में तय समय से करीब सात महीने पहले ही पूरा हो गया था. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में की थी. इस योजना का उद्देश्य देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना और उन्हें कम लागत पर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना है. जन धन खातों के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में मिलता है. छात्रवृत्ति, सब्सिडी, पेंशन और कोविड राहत जैसी रकम प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए खातों में जमा की जाती है. इससे सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती है. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत 19 अगस्त 2026 तक देश में कुल लाभार्थियों (खातों) की संख्या 59.09 करोड़ हो गई है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (प्रधानमंत्री-KISAN) योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है. किसानों को 6,000 रुपये की यह रकम साल में तीन किस्तों में मिलती है. हर किस्त 2,000 रुपये की होती है. इस योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता देना है. अभी तक सरकार पीएम किसान की 23 किस्त जारी कर चुकी है. अब किसान 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. योजना की राशि से किसान समय पर खाद और बीज खरीद पाते हैं. वहीं, केंद्रीय बजट 2026 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (प्रधानमंत्री-Kisan) योजना के लिए 63,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 23 किस्तों में अब तक कुल 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च (वितरित) की जा चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) शुरू की थी. इस योजना का उद्देश्य देश के जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना और 2022 तक सभी के लिए आवास का लक्ष्य हासिल करना था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 80 लाख घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा था. इसके लिए 2022-23 के बजट में 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. इनमें ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों के घर शामिल थे. आर्थिक सर्वेक्षण 2022 के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 2020-21 में 33.99 लाख घरों का निर्माण पूरा हुआ था. वहीं, 25 नवंबर 2021 तक 26.20 लाख घरों का निर्माण पूरा किया जा चुका था. केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए 54,916.70 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और पीएमएवाई 2.0 के लिए कुल 18,625.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

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