सफेद या भूरा अंडा, कौन सा है ज्यादा हेल्दी? खोल का रंग नहीं, ये चीजें तय करती हैं अंडे की गुणवत्ता – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: आजकल लोग प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अंडे को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, लेकिन जब कभी लोग बाजारों से अंडे खरीदने जाते हैं, तो भूरे अंडे और सफेद अंडे को लेकर सोच में पड़ जाते हैं कि कौन सा अंडा सेहत के लिए अधिक लाभकारी है और किसके सेवन से शरीर को अधिक ऊर्जा मिलती है. चलिए आगे इस लेख में जानते हैं भूरे और सफदे अंडे में क्या फर्क होता है?

किसका सेवन शरीर के लिए लाभकारी. आखिर सफेद और भूरे अंडों में क्या अंतर होता है? सफेद और भूरे अंडों में दिखाई देने वाला सबसे बड़ा अंतर उनके खोल का रंग है. अलग-अलग नस्ल की मुर्गियों के अंडों का खोल अलग रंग का हो सकता है. कुछ नस्लें आमतौर पर सफेद खोल वाले अंडे देती हैं, जबकि कुछ मुर्गियां भूरे खोल वाले अंडे देती हैं. यानी अंडे का भूरा या सफेद होना अपने आप उसकी गुणवत्ता का प्रमाण नहीं है. अगर दो अंडे समान परिस्थितियों में पाले गए मुर्गियों से प्राप्त हुए हैं और उनका आहार व उत्पादन व्यवस्था समान है, तो केवल खोल के रंग के आधार पर किसी एक अंडे को ज्यादा पौष्टिक मानना सही नहीं होगा. क्या भूरे अंडों में ज्यादा प्रोटीन होता है?

भूरे अंडों को लेकर एक आम धारणा है कि इनमें सफेद अंडों की तुलना में ज्यादा प्रोटीन, विटामिन और मिनरल होते हैं. हालांकि, सिर्फ खोल का रंग इन पोषक तत्वों की मात्रा तय नहीं करता. साथ ही अंडे के पोषण पर मुर्गी का आहार, पालन-पोषण, उम्र और उत्पादन की परिस्थितियां जैसे कई कारक प्रभाव डाल सकते हैं. इसलिए अगर किसी अंडे में ओमेगा-3, विटामिन या किसी अन्य पोषक तत्व की मात्रा अधिक होने का दावा किया जा रहा है, तो केवल उसके खोल का रंग देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. इस तरह, भूरे अंडे को सिर्फ इसलिए ज्यादा हेल्दी मानना कि उसका खोल भूरा है, सही तरीका नहीं है. अगर आप बाजार से अंडे खरीद रहे हैं तो सफेद या भूरे रंग के बजाय कुछ दूसरी बातों पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी है. अंडा जितना ताजा होगा, उसकी गुणवत्ता उतनी ही बेहतर तरीके से बनी रहती है. पैकेट पर उपलब्ध तारीख और अन्य जानकारी जरूर देखें. अंडा खरीदते समय उसके खोल को ध्यान से देखें. टूटे या दरार वाले अंडों को लेने से बचना बेहतर है. बहुत ज्यादा गंदे या संदिग्ध तरीके से रखे गए अंडों से बचना चाहिए. अंडों की पैकेजिंग और स्टोरेज की स्थिति भी महत्वपूर्ण है. अगर किसी ब्रांड की ओर से अंडों में अतिरिक्त पोषण या किसी खास विशेषता का दावा किया गया है, तो पैकेट पर दी गई जानकारी को जरूर पढ़ें. अंडे खरीदने के बाद उन्हें उचित तापमान और साफ-सुथरी जगह पर रखना जरूरी है. उन्हें गंदगी और तेज गंध वाली चीजों से दूर रखें. सफेद या भूरा आखिर कौन सा अंडा खरीदें?

अगर सफेद और भूरे दोनों अंडे ताजा हैं, सही तरीके से रखे गए हैं और उनकी गुणवत्ता समान है, तो सिर्फ रंग के आधार पर किसी एक को बेहतर मानने की जरूरत नहीं है. सीधी बात यह है कि अंडे के खोल का रंग उसकी पोषण गुणवत्ता का पैमाना नहीं है. अंडे खरीदते समय ताजगी, साफ और बिना दरार वाला खोल, स्टोरेज, मुर्गी के आहार से जुड़ी जानकारी और पैकेट पर दिए गए विवरण को प्राथमिकता देना ज्यादा उपयोगी है. इसलिए अगली बार जब बाजार में सफेद और भूरे अंडों का विकल्प सामने हो, तो केवल रंग देखकर फैसला न करें. अपनी जरूरत, बजट और उपलब्ध जानकारी के आधार पर अंडे चुनें.

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