एग्रीवेट: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में उगाए जाने वाले अनार को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिल रही है. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की पहल से कुल्लू की सिंदूरी किस्म के 1.3 मीट्रिक टन अनार की खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई भेजी गई है. इस खेप में 2 किलोग्राम के कुल 650 बॉक्स शामिल थे. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, इस निर्यात से हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए विदेशी बाजार तक पहुंचने का नया रास्ता खुला है.
इस निर्यात के लिए अनार की खरीद स्थानीय बागवानों के बगीचों और भुंतर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) के माध्यम से की गई. इस एफपीओ से करीब 600 किसान जुड़े हुए हैं. उत्तर प्रदेश की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने इस खेप का निर्यात किया.
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कुल्लू जिला बागवानी विभाग ने अनार की खरीद और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में सहयोग किया. इस व्यवस्था के जरिए स्थानीय किसानों, किसान उत्पादक संगठन और निर्यातक कंपनी को सीधे एक व्यापारिक मंच पर जोड़ा गया.
इस निर्यात का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय किसानों को बेहतर कीमत के रूप में मिला है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, दुबई भेजी गई अनार की खेप में शामिल किसानों को घरेलू बाजार में मिलने वाली प्रचलित कीमत के मुकाबले करीब 50 फीसदी अधिक दाम मिले. मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के निर्यात से किसानों को अतिरिक्त बाजार विकल्प मिलते हैं. साथ ही, गुणवत्ता आधारित उत्पादन को बढ़ावा मिलता है और एफपीओ की कृषि निर्यात में भागीदारी बढ़ती है.
अनार की खेप को एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर व्यापार प्राधिकरण के अधिकारियों, राज्य के बागवानी विभाग के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, किसान संगठनों और स्थानीय बागवानों ने हिस्सा लिया. इस पहल के जरिए किसानों से लेकर निर्यातकों और संबंधित सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि क्षेत्रीय फलों के लिए निर्यात के स्थायी रास्ते तैयार किए जा सकें.
हिमाचल प्रदेश में सिंदूरी के अलावा भगवा और कंधारी किस्म के अनार की भी खेती होती है. सिंदूरी अनार का छिलका लाल रंग का होता है और इसके दाने रसीले होते हैं. स्वाद में मिठास के साथ हल्की खटास इसकी खासियत है.
इसकी गुणवत्ता इसे खाने के साथ लंबी दूरी तक परिवहन के लिए भी उपयुक्त बनाती है. सरकार का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में सेब के अलावा अनार, जापानी फल (पर्सिमन), गुठलीदार फल, जूस और रेडी-टू-ईट उत्पादों के निर्यात की भी अच्छी संभावनाएं हैं.
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच कृषि उत्पादों का कारोबार लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने एपीडा के दायरे में आने वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का करीब 2.59 अरब डॉलर का निर्यात UAE को किया. इस दौरान कुल निर्यात मात्रा लगभग 38.1 लाख मीट्रिक टन रही. कुल्लू के अनार की दुबई खेप को हिमाचल प्रदेश के निर्यात कारोबार में विविधता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.