असम में धान खरीदी पर बोनस का ऐलान, किसानों को MSP के अलावा मिलेंगे इतने रुपये – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: असम सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) के दौरान धान किसानों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को धान की कीमत पर 200 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त देगी. इस फैसले के बाद किसानों को अब धान के लिए कुल 2,640 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गुवाहाटी में कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी.

असम सरकार अब इस साल जुलाई में शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई भीषण बाढ़ की वजह का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच की मांग करेगी. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजने का फैसला किया है. अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र को पत्र भेज दिया जाएगा. हालांकि, जांच सीबीआई को सौंपने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जुलाई 2026 में आई अभूतपूर्व बाढ़ के वास्तविक कारणों का पता लगाना चाहती है. दरअसल, पूर्वी असम में दिक्खो नदी के उफान ने शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में भारी तबाही मचाई थी. इस दौरान विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि था कि नगालैंड की तरफ नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन की वजह से बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई. इस साल असम में बाढ़ से कम से कम 108 लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा मकानों, स्कूलों, सड़कों, तटबंधों, पशुशालाओं, मत्स्य पालन केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा था.

असम कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के बहुविवाह में शामिल पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने का भी फैसला किया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, असम सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1964 में संशोधन कर नया प्रावधान जोड़ा गया है. इसके तहत बहुविवाह में शामिल सरकारी कर्मचारी को विभागीय जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा. ऐसे कर्मचारी भविष्य में सरकारी नौकरी के लिए भी अयोग्य हो जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रहेगा. असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किए जाने के बाद यह नियम हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा. कैबिनेट ने नियमों के नियम-7 में क्लॉज-6 जोड़ने को मंजूरी दी है. गौरतलब है कि असम विधानसभा ने 27 मई को समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 पारित किया था. इस कानून के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनाने का प्रावधान है. विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है.

कैबिनेट ने मोरीगांव जिले के नेल्ली में असम का पहला डिफेंस पार्क स्थापित करने के लिए करीब 6,000 बीघा जमीन आवंटित करने को मंजूरी दी है. यह जमीन लगभग 1,984 एकड़ के बराबर है. इसके अलावा राज्य में रोपवे परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के साथ समझौता करने का भी फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के पांच अलग-अलग रूट पर रोपवे विकसित किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित असम के लक्ष्य के तहत सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए 13 राज्य स्तरीय सेक्टोरल काउंसिल बनाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है. इन परिषदों का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाना है.

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