चक्रवाती तूफान का खतरा बढ़ा, मछुआरों को चेतावनी.. इन जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में मौसम का मिजाज बदलने लगा है. यहां कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद चक्रवाती तूफान आने की आशंका बढ़ गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में मजबूत होकर तूफान का रूप ले सकता है. इसका असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है. वहीं, आंध्र प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है. ऐसे में समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

मौसम विभाग के अनुसार, 23 अक्टूबर की सुबह पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है. इसके धीरे-धीरे ताकतवर होने की आशंका है. अनुमान है कि 24 अक्टूबर तक यह डिप्रेशन, 25 अक्टूबर तक गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर जा सकता है. अगर यह सिस्टम तूफान में बदलता है, तो आने वाले दिनों में तटीय इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है. हालांकि, अभी इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया गया है.

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के तटीय इलाकों में इस सिस्टम का असर देखने को मिल सकता है. हालांकि, यह तूफान किस दिशा में आगे बढ़ेगा और कहां तट से टकराएगा, इस बारे में अभी पक्की जानकारी नहीं है. अगले मौसम बुलेटिन में इसकी दिशा और ताकत को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है.

इस संभावित तूफान का नाम ‘अर्नब’ (Arnab) बताया जा रहा है. फिलहाल पश्चिम बंगाल के तट पर इसके सीधे टकराने की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए तटीय इलाकों के लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. समुद्र में मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

चक्रवाती सिस्टम की आशंका के बीच आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने भी अगले चार दिनों के लिए बारिश का अनुमान जारी किया है. प्राधिकरण के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मॉनसून के असर से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है.

प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि, बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों. बड़े होर्डिंग्स और कमजोर ढांचों से भी दूरी बनाए रखें. मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की चेतावनी जरूर देखनी चाहिए. आने वाले दिनों में चक्रवाती सिस्टम की दिशा और ताकत के हिसाब से तटीय इलाकों के लिए नए अलर्ट जारी हो सकते हैं.

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