मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना बनी सहारा, किसान परिवार को मिली 5 लाख की मदद—देखें क्या है पूरा सच – एग्रीवेट

Team Agrivate
5 Min Read

एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना मुश्किल वक्त में किसान परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है. गोंडा जिले के विमौर गांव में रहने वाले एक किसान परिवार की कहानी इस योजना के महत्व को बयां करती है. परिवार के मुखिया की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद जब घर पर आर्थिक संकट गहरा गया था, तब इस योजना के तहत मिली 5 लाख रुपये की सहायता ने उन्हें संभलने का मौका दिया.

गोंडा सदर तहसील के विमौर गांव निवासी धर्मेंद्र पांडेय अपने परिवार का भरण-पोषण गांव में पान की दुकान चलाकर करते थे. उनके पास करीब डेढ़ बीघा कृषि भूमि भी थी. परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं. दो बेटियों की शादी के लिए उन्होंने कर्ज लिया था, जिससे परिवार पहले से ही आर्थिक दबाव में था.

परिवार के बेटे चंदन पांडेय के अनुसार, अक्टूबर 2025 में सड़क दुर्घटना में उनके पिता की मौत हो गई. परिवार के मुखिया के अचानक चले जाने से घर की आर्थिक हालत बिगड़ गई. कर्ज देने वालों का दबाव बढ़ने लगा और परिवार के सामने रोजमर्रा के खर्चों को चलाना भी चुनौती बन गया.

पिता की मौत के बाद चंदन ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए गोंडा शहर के एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी शुरू कर दी. इससे घर का खर्च तो किसी तरह चलने लगा, लेकिन पुराने कर्ज की चिंता लगातार बनी रही.

इसी दौरान गांव के लेखपाल ने परिवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के बारे में जानकारी दी. इसके बाद योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कराया गया. जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई 2026 में परिवार के खाते में कुल 5 लाख रुपये की सहायता राशि पहुंची. यह राशि मृतक किसान की पत्नी सीता देवी पांडेय और बेटे चंदन पांडेय के खाते में ढाई-ढाई लाख रुपये के रूप में मिली.

योजना का लाभ मिलने के बाद परिवार ने अपने ऊपर चढ़े कर्ज का बड़ा हिस्सा चुका दिया. चंदन का कहना है कि यदि यह आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तो परिवार और गहरे कर्ज के बोझ तले दब जाता. अब स्थिति पहले से काफी बेहतर है और परिवार अपनी खेती-किसानी के साथ जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है.

चंदन और उनकी मां सीता देवी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस योजना ने संकट की घड़ी में उन्हें बड़ा सहारा दिया. उनका मानना है कि सरकार की यह पहल उन किसान परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो किसी दुर्घटना में अपने कमाने वाले सदस्य को खो देते हैं.

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना का उद्देश्य दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर रूप से घायल होने वाले किसानों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाना है. गोंडा के इस परिवार की कहानी बताती है कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन समय में राहत का मजबूत आधार बन रही है.(आंचल श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

Share This Article