देश के जलाशयों में इस साल 24.5 फीसदी कम पानी, दक्षिण में स्थिति सबसे कमजोर, जानें रबी बुवाई का हाल – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडार पिछले साल और सामान्य स्तर से काफी नीचे है. केंद्रीय जल आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 178 प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध पानी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 24.5% कम है. दक्षिण भारत के जलाशयों में भंडारण की स्थिति सबसे कमजोर बनी हुई है. वहीं, रबी फसलों की बुवाई की रफ्तार भी पिछले साल से धीमी चल रही है.

केंद्रीय जल आयोग (CWC) की 15 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 178 प्रमुख जलाशयों में कुल 126.717 अरब घन मीटर (BCM) पानी उपलब्ध है. यह इन जलाशयों की कुल लाइव स्टोरेज क्षमता का 68.58% है. पिछले साल इसी अवधि में इन जलाशयों में 167.910 BCM पानी उपलब्ध था, जबकि पिछले 10 वर्षों का सामान्य भंडारण 151.647 BCM है. इस तरह मौजूदा जल भंडारण पिछले साल की समान अवधि के स्तर का 75.47% और सामान्य भंडारण का 83.56% है. यानी पिछले साल के मुकाबले पानी का भंडार करीब 24.5% और सामान्य स्तर से लगभग 16.4% कम है.

क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण भारत के 50 प्रमुख जलाशयों में 24.760 BCM पानी उपलब्ध है. यह इन जलाशयों की कुल क्षमता का 44.31% है. पिछले साल इसी अवधि में यहां भंडारण क्षमता का 89.65% था, जबकि सामान्य स्तर 77.54% है. इस तरह दक्षिण भारत में पानी की उपलब्धता पिछले साल और सामान्य स्तर, दोनों से काफी नीचे है. दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं. इन राज्यों के जलाशयों की स्थिति सिंचाई और अन्य जल जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है.

उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 11.371 BCM पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 57.33% है. पिछले साल इसी अवधि में भंडारण 86.97% था और सामान्य स्तर 79.31% रहा था. पूर्वी क्षेत्र के 31 जलाशयों में भंडारण 79.89% है, जबकि पिछले साल यह 82.52% और सामान्य स्तर 80.84% था.

पश्चिमी क्षेत्र के 58 जलाशयों में 80.73% पानी उपलब्ध है. यह पिछले साल के 97.35% और सामान्य स्तर के 86.91% से कम है. मध्य क्षेत्र के 28 जलाशयों में पानी का स्तर 86.36% है. यह पिछले साल के 92.51% से कम है, लेकिन सामान्य भंडारण के 85.15% से थोड़ा अधिक है.

वहीं, कृषि विभाग के 16 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देश में रबी फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 3.43 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 4.65 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. इस तरह बुवाई का रकबा 1.22 लाख हेक्टेयर कम है.

तिलहन फसलों का क्षेत्र 2.29 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 3.11 लाख हेक्टेयर से कम है. रबी धान की बुवाई भी 1.34 लाख हेक्टेयर से घटकर 0.88 लाख हेक्टेयर रह गई है. इसके उलट, दलहन का रकबा 0.10 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.15 लाख हेक्टेयर हो गया है. वहीं, गेहूं की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई थी.

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